प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना एक गंभीर मुद्दा, राजनीति करने के बजाय एसपीजी, आईबी और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए : अशोक गहलोत

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होना एक गंभीर मुद्दा, राजनीति करने के बजाय एसपीजी, आईबी और अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए : अशोक गहलोत - Panchayat Times

जयपुर. बुधवार 5 जनवरी को पंजाब दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस मामले पर जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है, वहीं प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक के मसले पर सुरक्षा नियमों पर भी बहस छिड़ गई है.

राजस्थान के सीएम गहलोत ने भी दी प्रतिक्रिया

इस मामले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. बुधवार 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले पर सीएम गहलोत ने ट्वीट करते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया.

सीएम गहलोत ने ट्वीट में लिखा है कि पीएम के दौरे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी एवं आईबी की होती है तथा राज्य पुलिस एसपीजी के निर्देशों एवं सलाह का पालन करती है. एसपीजी की अनुमति के बिना पीएम का काफिला आगे नहीं बढ़ सकता है.

एसपीजी की जवाबदेही पर भी उठाया सवाल

गहलोत ने एसपीजी की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया. गहलोत ने कहा कि, यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर राजनीति करने की बजाय एसपीजी, आईबी तथा अन्य एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. भाजपा द्वारा इस मुद्दे पर कांग्रेस एवं पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के खिलाफ की जा रहीं टिप्पणियां मुद्दे की गंभीरता को कम करती है. इसकी निंदा की जानी चाहिए.

पूरे देश से माफी मांगे कांग्रेस : वसुंधरा राजे

वहीं इस मसले पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है. राजे ने लिखा कि, पीएम की सुरक्षा में चूक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने ओछी मानसिकता के चलते प्रदर्शनकारियों को उनके रास्ते तक जाने दिया. प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने के लिए कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा कि, पंजाब में महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को षड्यन्त्र पूर्वक नहीं पहुंचने देना, पंजाब की जनता का अपमान है. इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है.