राजस्थान के नए मुख्यमंत्री का आज ऐलान करेंगे राहुल गांधी

मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया

जयपुर. प्रदेश में बुधवार शाम कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया. अब प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान दिल्ली में होगा.

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे, कर्नाटक से आए पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ नेता सीपी जोशी, रामेश्वर डूडी और चारों सह प्रभारी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने रात आठ बजे राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया. पत्रकारों से बातचीत में पांडे ने बताया कि हमने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद गुरुवार को फिर उनसे मिलने का समय मांगा है. गुरुवार को वे बसपा और अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन पत्र उन्हें सौंपेंगे और विधायक दल के नेता के नाम से अवगत कराएंगे.

 मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया
मुख्यमंत्री का ऐलान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे

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उन्होंने कहा कि गुरुवार को वे, वेणुगोपाल और चारों प्रभारी सचिव राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और आज विधायकों से हुई रायशुमारी की रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपेंगे. राहुल गांधी के दिशा निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला हो जाएगा और हम आगे के कार्यक्रम के संबंध में राज्यपाल को अवगत करा देंगे. रात लगभग साढे़ नौ बजे प्रदेश प्रभारी पांडे और पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल, प्रदेश सह प्रभारी काजी निजामुद्दीन, विवेक बंसल, तरुण कुमार और देवेन्द्र कुमार राहुल गांधी से मुलाकात करने दिल्ली रवाना हो गए. जानकारी के अनुसार गहलोत और पायलट दिल्ली नहीं गए.

इससे पूर्व प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक में सुबह ग्यारह बजे से करीब नौ घंटे चली मैराथन रायशुमारी के बाद एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को मुख्यमंत्री का चयन करने का अधिकार दिया गया. पीसीसी में प्रदेश प्रभारी पांडे और पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल की सभी 99 कांग्रेस विधायकों से वन-टू-वन चर्चा की. प्रदेश प्रभारी पांडे ने पर्यवेक्षक वेणुगोपाल से विधायकों का परिचय कराया. उसके बाद वेणुगोपाल ने विधायकों से मुख्यमंत्री को लेकर पायलट, गहलोत या अन्य दावेदार के बारे में उनकी राय पूछी. इस मौके पर कई विजयी निर्दलीय उम्मीदवार भी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और पार्टी के आला नेताओं से बातचीत कर अपना समर्थन पत्र सौंपा.
इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर गहलोत और पायलट समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही. समर्थक अपने अपने नेता के पक्ष में लगातार नारेबाजी करते रहे. कई बार तनातनी का भी माहौल बना लेकिन पुलिस के भारी जाब्ते के कारण भीड़ नियंत्रण में रही. उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों में से 199 सीटों पर सात दिसम्बर को हुए मतदान के बाद मंगलवार को हुई मतगणना में कांग्रेस ने 99 सीटों पर कब्जा कर सबसे बड़ी पार्टी बनी.

बैठक छोड़ निकल गए विश्वेंद्र सिंह

रायशुमारी के दौरान कांग्रेस के दिग्गज जाट नेता और डीग-कुम्हेर से विधायक विश्वेंद्र सिंह मुख्यमंत्री के नाम को लेकर आलाकमान को प्रस्ताव भेजने के फैसले पर रोष प्रकट करते हुए बैठक को बीच में छोड़कर चले गए. पीसीसी के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि जब फैसला आलाकमान को ही करना है तो फिर विधायकों की जरूरत क्या है. आखिर क्यों एक-एक विधायक की राय ली जा रही है. हालांकि बैठक से बाहर जाने के बाद उन्होंने वापस आने की बात भी कही.