नई दिल्ली. राजस्थान सरकार राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और छोटे व्यवसायों को सहयोग देने के लिए कई योजनाओं के तहत ब्याज मुक्त या रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध करा रही है। इन योजनाओं के अंतर्गत ₹10 लाख तक के ऋण पर किसी भी प्रकार की जमानत (कोलेटरल) की आवश्यकता नहीं है, जिससे युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों को उद्यम शुरू करने में आसानी हो रही है।
प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY):
इस योजना के तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने या मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए ऋण दिया जाता है। इसमें ₹10 लाख तक का कोलेटरल-फ्री ऋण उपलब्ध है और सरकार 5 से 8 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी पांच वर्षों तक देती है।
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (IMSUPY):
महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके तहत 25 से 30 प्रतिशत तक अनुदान (ग्रांट) का प्रावधान है।
विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना (2025):
यह नई योजना युवाओं और महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत ₹2 करोड़ तक का ऋण, 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान और 25 प्रतिशत मार्जिन मनी सहायता (अधिकतम ₹5 लाख) दी जाती है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित एवं आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (BRUPY):
अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना में 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी (अधिकतम ₹25 लाख) और 6 से 9 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
ऋण से जुड़ी अहम बातें
जमानत: ₹10 लाख तक के ऋण पर कोई कोलेटरल नहीं
पात्रता: आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी हो और आयु कम से कम 18 वर्ष हो
आवेदन प्रक्रिया: आवेदन SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन
ऋण का उपयोग: नए विनिर्माण या सेवा उद्यम स्थापित करने, अथवा मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए
राज्य सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और उद्यमिता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
