राजस्थान की राजनीति में एक और बहु की हो सकती है एंट्री

राजस्थान की राजनीति में एक और बहु की हो सकती है एंट्री

नई दिल्ली. राजस्थान विधानसभा चुनाव की घोषणा भले ही अभी नहीं हई है लेकिन राजनीति दलों के घमासान से राजस्थान का सियासी पारा गरम होने लगा है. इसी बीच भौगौलिक और राजनीतिक रूप से प्रदेश में खास स्थान रखने वाले पश्चिमी राजस्थान की राजनीतिक हवा भी कई संकेत देने लगी है. कभी बीजेपी की राजनीति में खास स्थान रखने और बीमारी के कारण राजनीति से दूर जसवंत सिंह की पुत्रवधू और बीजेपी विधायक उनके बेटे मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह के राजनीति में आने की संभावना बढ़ गई है.

हालांकि चित्रा सिंह की तरफ से चुनाव लड़ने के बारे में अभी कोई घोषणा नहीं की गई है लेकिन उनकी राजनीतिक सक्रियता बताती है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में उनकी बड़ी भूमिका होने वाली है. गौरतलब है कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे भी राजनीति की शुरुआत में अपने को राज्य की बहु के तौर पर प्रोजेक्ट किया था.

अटज बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी एनडीए की सरकार में जसवंत सिंह भारत के विदेश और वित्त मंत्री रह चुके हैं. उनके बेटे मानवेन्द्र सिंह शिव विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी का टिकट नहीं मिलने और जसवंत सिंह के बागी होकर चुनाव लड़ने से बीजेपी के साथ उनके रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं.

जसवंत सिंह अपने परिवार के साथ

चित्रा सिंह साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अपने ससुर जसवंत सिंह के चुनाव प्रचार की कमान भी संभाली थींं. उस चुनाव में वह वह ठेठ मारवाड़ी घाघरा और चुनरी में घर से बाहर निकलती हैं और घूंघट निकालकर अपने दाता साहेब यानि जसवंत सिंह को वोट देने की अपील करती. उन्हें देखकर तब यकीन नहीं होता कि वह बैडमिंटन की नैशनल लेवल की खिलाड़ी और अजमेर के नामी सोफिया स्कूल की स्टूडेंट रह चुकी हैं.

विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही चित्रा सिंह की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है. वे राजपूतों सहित अन्य समाज के साथ बैठकें कर रही हैं. उनकी इन बैठकों के बाद सियासत का पारा लागातार चढ़ता जा रहा है. वहीं, माना जाने लगा है कि चुनावी रण में वे अपने पति शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक मानवेंद्र सिंह के साथ कदम रख सकती हैं. हालांकि, कोई भी निर्णय करने से पहले जसवंत सिंह का परिवार प्रदेश के राजपूतों सहित अन्य समाज के लोगों की 22 सितंबर को एक बैठक रख रहा है. इस बैठक के दौरान सियासी हालात पर चर्चा होने के साथ ही चित्रा सिंह की राजनीतिक तस्वीर भी साफ होगी.