नई दिल्ली. राजस्थान मुस्लिम एलायंस के अध्यक्ष मोहसिन राशिद ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि जेल में बंद एक्टिविस्ट और पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को राजस्थान से राज्यसभा भेजा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य से लंबे समय से संसद में मुस्लिम प्रतिनिधित्व नहीं है।
‘कानूनी आरोप बाधा नहीं होने चाहिए’
मोहसिन राशिद ने कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप होना और दोषी साबित होना अलग बातें हैं। भारतीय संविधान के अनुसार, जब तक अदालत किसी को दोषी साबित नहीं करती, तब तक उसे चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता।
युवा और शिक्षित चेहरे को मौका देने की अपील
राशिद ने उमर खालिद को एक शिक्षित और युवा नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि जमीनी स्तर से जुड़े नेताओं को मुख्यधारा में लाया जाए, जैसे पार्टी ने पहले कन्हैया कुमार को शामिल किया था।
कांग्रेस नेताओं के समर्थन का जिक्र
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जैसे दिग्विजय सिंह, पहले भी उमर खालिद के समर्थन में आवाज उठा चुके हैं। ऐसे में पार्टी को इस मांग पर सकारात्मक विचार करना चाहिए।
‘बीजेपी से प्रभावित नहीं होंगे’
राशिद ने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में जहां कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं, वहीं उमर खालिद ऐसे उम्मीदवार होंगे जो किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं आएंगे और जमीनी मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
‘समुदाय की सामूहिक मांग’
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि राजस्थान के मुस्लिम समुदाय की सामूहिक मांग है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस इस मांग को गंभीरता से लेगी। राजस्थान में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के मुद्दे को लेकर उठी यह मांग आने वाले राज्यसभा चुनावों में सियासी बहस को और तेज कर सकती है।
