राज्य मंत्री रामदास अठावले ने झारखंड सरकार के कामों को सराहा

राज्य मंत्री रामदास अठावले ने आज रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित झारखंड सरकार...

रांची. केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने आज रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित झारखंड सरकार मंत्रालय में राज्य की अल्पसंख्यक, समाज कल्याण, महिला एवं बल विकास मंत्री लुईस मरान्डी तथा राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक में राज्य में दिव्यांगजन, एससी,एसटी, ओबीसी की बैकलॉग नियुक्तियां एवं उनके कल्याण के लिए लागू योजनाओं का जायजा लिया.

अठावले ने यहां झारखंड राज्य में पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की. एससी-एसटी प्रताड़ना कानून की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उपयोग कमजोर वर्ग के लोगों को दबाव या हमलों से बचना है, ना कि स्वर्णों को फंसाना है. उन्होंने कहा कि फिलहाल दलित प्रताड़ना के केस में दोषी करार होने पर सजा की दर बहुत कम है, 100 में 98 लोग छूट जाते हैं. अगर यह दर बढ़ेगी तो दलितों पर अत्याचार के मामलों में कमी आएगी.

25,000 रुपये को बढ़ाकर एक लाख

झारखंड में 2014 में प्रताड़ना के कुल 1127 मामले सामने आए जो कि 2017 में बढ़कर 1730 हो गए. वहीं इस साल अबतक 1483 ऐसे मामले सामने आयें हैं. अंतर-जातीय विवाह पर उन्होंने कहा कि राज्य में 42 जोड़ों ने इस वर्ष ऐसा किया. राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसे जोड़ों को अनुदान राशि के रूप में सरकार मौजूदा 25,000 रुपये को बढ़ाकर एक लाख करें.

ये भी पढ़ें- नक्सलियों ने कहा दो दिनों तक बिहार और झारखंड बंद रहेगा

अठावले ने कहा कि झारखंड में कुल 1,87,730 आरक्षित सीट है, जिसमें फिलहाल एससी कि लगभग 24,400 (कुल का 13%) एवं एसटी कि लगभग 50,112 (27%) नियुक्तियां हुई हैं. राज्य में एससी के लिए 10% आरक्षण लागू है. झारखंड में करीब 7 लाख दिव्यांगजन हैं जो कि राज्य कि आबादी (3.29 करोड़) का 2.2% है. वहीं भारत में दिव्यांगजनों की संख्या 2 करोड़ 67 लाख से अधिक है. आठवले ने बताया कि राज्य में 1 लाख 17 हजार दिव्यांगजनों को पेंशन दी जाती है.

प्री-मेट्रिक स्कॉलर्शिप के आकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरहनीय कार्य किया है और करीब 3 लाख एससी/ एसटी तथा 9 लाख से ऊपर ओबीसी वर्ग के छात्रों को वर्ष 1017-18 में इसका लाभ मिला. वहीं पोस्ट मैट्रिक स्तर पर यह संख्या काफी कम रही . एससी व एसटी में क्रमशः दोनों वर्गों के 21,000 एवं 1,39,000 छात्रों को इसका लाभ मिला. मीटिंग में गेल, रेलवे, सेल, एयरपोर्ट अथॉरिटी तथाराज्य में मौजूद अन्य पब्लिक सेक्टर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अपना पक्ष प्रस्तुत किया.