फेसबुक डाटा लीक की आंच भारत पहुंची, केन्द्रीय मंत्री के आरोप पर कांग्रेस का पलटवार

नई दिल्ली. फेसबुक डाटा लीक के बाद उपजे विवाद की आंच भारत में भी पहुंच चुकी है. भारत ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की सूरत में फेसबुक को कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता और बोलने की आजादी का समर्थन करती है. लेकिन फेसबुक सहित किसी भी सोशल मीडिया साइट्स की तरफ से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित की कोशिश को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. संसद भवन में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर कड़े फैसले लेने और मार्क जुकरबर्ग को तलब करने से भी सरकार नहीं हिचकिचाएगी.

मालूम हो कि गैर सरकारी संस्था यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन ने कहा है कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दरम्यान फेसबुक ने कैंब्रिज एनालिटिका से पांच करोड़ लोगों के व्यक्तिगत डेटा साझा किये हैं. 2016 में इन डाटा का विश्लेषण डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में माहौल बनाने में किया गया. कैंब्रिज एनालिटिका ट्रंप के चुनाव प्रचार में शामिल रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपियन यूनियन छोड़ने की मुहिम में भी यह कंपनी शामिल रही है.

केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर कैंब्रिज एनालिटिका से सांठगांठ करने का आरोप लगाया है. उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस भी इन्हीं तरीकों से चुनावी सफलता हासिल करना चाहती है?

केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्विटर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का फॉलोवर बढ़ना शक पैदा करता है. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका ने अपने क्लाइंट को चुनाव जिताने के लिए हनी ट्रेप, रिश्वत और फेसबुक के डेटा का गलत उपयोग किया है. क्या कांग्रेस भी 2019 के लोकसभा चुनाव में यह सब करने वाली है?

भाजपा के आरोप के तुंरत बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका से हमारा कोई लेना देना नहीं है. इसका इस्तेमाल तो दरअसल बीजेपी ने ही किया है. कांग्रेस का आरोप है कि 2010 बिहार विधानसभा चुनाव समेत चार राज्य चुनावों में भाजपा ने इस कंपनी की सेवाएं ली गई थीं.