नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय नियमों का पालन न करने पर 35 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) को रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि अब ये कंपनियां नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (Non-Banking Financial Institution) के तौर पर कोई भी वित्तीय गतिविधि नहीं कर सकेंगी।
क्यों हुई कार्रवाई?
RBI के अनुसार, इन NBFCs ने समय पर आवश्यक रिपोर्ट दाखिल नहीं की, न्यूनतम पूंजी मानदंड (Minimum Capital Requirement) और अन्य जरूरी नियामकीय शर्तों का पालन नहीं किया। बार-बार निर्देश देने के बावजूद अनुपालन न होने पर यह सख्त कदम उठाया गया।
ग्राहकों के लिए RBI की चेतावनी
RBI ने आम जनता को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित संस्था की नियामकीय स्थिति जरूर जांच लें। निवेशक RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर NBFCs की वैधता और लाइसेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
NBFCs पर निगरानी क्यों जरूरी?
NBFCs देश की वित्तीय व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती हैं—जैसे लोन, इंश्योरेंस, निवेश और माइक्रोफाइनेंस सेवाएं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन न केवल निवेशकों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि वित्तीय स्थिरता पर भी असर डाल सकता है।
RBI का संदेश
केंद्रीय बैंक ने दोहराया कि वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता और भरोसे को बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। भविष्य में भी नियामकीय उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
