शक्ति ऐप के जरिए 28 हजार शिकायतों का हुआ निपटारा

शक्ति ऐप के जरिए 28 हजार शिकायतों का हुआ निपटारा-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

शिमला. शक्ति बटन ऐप और गुड़िया हेल्पलाइन महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में वरदान साबित हो रही हैं. शक्ति बटन ऐप के तहत अभी तक 28,968 शिकायतों का निवारण किया गया है. गुड़िया हेल्पलाइन के अन्तर्गत प्राप्त कुल 1233 शिकायतों में से 1196 का निपटारा किया गया है.

महिला एवं समाज कल्याण विभाग के माध्यम से महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट में ‘सशक्त महिला योजना’ की घोषणा की है. योजना के अन्तर्गत महिलाओं को पंचायत स्तर पर संगठित करके उनके अधिकारों के प्रति उन्हें जागरुक करना, सरकार कि ओर से ग्रामिण महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे अवगत करवाकर महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है.

‘सशक्त महिला योजना’ किशोरियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेगी. इसके साथ उन्हें मासिक धर्म, स्वच्छता और आत्म सम्मान बढ़ाने के विषयों पर भी जागरुक करेगी. सशक्त महिला योजना के अन्तर्गत सभी किशोरियों जिनकी आयु 11 से 18 वर्ष और सभी महिलांए जिनकी आयु 19 से 45 वर्ष है, को इस योजना में शामिल किया गया है.

‘सशक्त महिला योजना’ के अन्तर्गत हर पंचायत मे सशक्त महिला केन्द्र बनाए जाएगें, जिनका संचालन 19 से 45 वर्ष की आयु की महिलाएं करेंगी. यह केन्द्र महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे अवगत करवाएंगे और महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए बैंक से जोड़ेगें और साथ ही कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे. महिलाओं कि ओर से बनाए गए सामान की बिक्री बढ़ाने के लिए महिलाओं को पर्यटन विभाग, मंदिर न्यास और उद्योग विभाग से जोड़ा जाएगा.

केन्द्रीय प्रायोजित योजना ‘प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना’ का राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है. योजना के तहत मजदूरी की क्षति के बदले में नकद राशि को प्रोत्साहन के रूप मे आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना है ताकि महिलाएं पहले जीवित बच्चे के जन्म से पहले और बाद में पर्याप्त आराम कर सकें. प्रदान की गई नकद प्रोत्साहन राशि से गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं में स्वस्थ रहने के आचरण में सुधार होगा.

योजना के तहत जनवरी 2018 से अक्तूबर अंत तक 64586 लाभार्थियों के बैंक खातों में 2282.57 लाख रुपए की राशि जमा की जा चुकी है. हिमाचल प्रदेश ने योजना के तहत 147 प्रतिशल लक्ष्य हासिल कर लिया है और सितम्बर, 2018 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ आंका है.

‘बेटी है अनमोल योजना’ के अन्तर्गत बी.पी.एल. परिवार में जन्म लेने वाली बालिका को जन्म पश्चात दी जाने वाली एकमुश्त अनुदान सहायता राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपए किया गया है. इसी प्रकार, गरीब महिलाओं को मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के अन्तर्गत बच्चों के पालन-पोषण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 4000 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए प्रति बच्चा प्रतिवर्ष किया गया है.