सड़क हादसे में बड़े पुत्र की मौत के बाद पिछले 3 वर्षों से कैंप लगाकर लोगों को कर रहे है हेलमेट वितरण

सड़क हादसे में बड़े पुत्र की मौत, पिछले 3 वर्षों से कैंप लगाकर लोगों को कर रहे है हेलमेट वितरण - Panchayat Times

बोकारो. अगर किसी पिता के 16 वर्षीय बड़े पुत्र की सड़क हादसे में मौत आंख के सामने हो जाए तो इसमें पिता और परिवार के दुखः का अंदाजा लगाना काफी कठिन है. लेकिन एक पिता ने अपने पुत्र की सड़क हादसे में हुई मौत पर एक ऐसा बीड़ा उठाया है, जिसमें की किसी भी व्यक्ति की मौत बगैर हेलमेट के ना हो.

इसके लिए पिता ने अपने बेटे के पुण्यतिथि के मौके पर विगत 3 वर्षों से सड़क के विभिन्न चौक चौराहों पर कैंप लगाकर हेलमेट वितरण करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है. बता दें कि बोकारो जिला अंतर्गत चास के तारानगर के रहने वाले मनोज सिंह के बड़े पुत्र की सड़क हादसे में 4 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी.

इसके बाद से ही मनोज सिंह और उसके दोस्तों ने यह ठान लिया की वह अपने बेटे यश की पुण्यतिथि पर लोगों के बीच हेलमेट का वितरण करेंगे और लोगों को बिना हेलमेट के सड़क में वाहन नहीं चलाने के लिए जागरूक करेंगे.

 इसके लिए उन्होंने अपने बेटे यश के नाम पर यस फॉर यू के नाम से एक संस्था बनाई और इस संस्था के बैनर तले बोकारो और चार शहर के विभिन्न चौक चौराहों में विगत 3 वर्षों से हेलमेट का वितरण करते आ रहे हैं. वे इस दौरान वे युवाओं और अन्य लोगों को बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने की शपथ भी दिलाते हैं.

इस हेलमेट वितरण का समापन आज के दिन यानी पुण्य तिथि के दिन किया जाता है. इस हादसे के दिन चास थाना में बतौर थाना प्रभारी रहे कमल किशोर जो वर्तमान समय में हजारीबाग के मुख्यालय डीएसपी है वो आज समापन में बतौर अतिथि शामिल हुए थे.

उन्होंने कहा कि उन्हें याद है कि आज के दिन ही यश की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी उसके बाद से जिस प्रकार से यश के पिता ने संस्था बनाकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य हेलमेट का वितरण विगत 3 वर्षों से करते आ रहे हैं वह एक सराहनीय काम है.

इस बाबत यश के पिता मनोज सिंह ने कहा कि बड़े पुत्र की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद सभी मित्रों ने मिलकर इस संस्था की नींव रखी और इसके माध्यम से विगत 3 वर्षों से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि कोई भी बेटा या घर का अन्य सदस्य बिना हेलमेट के सड़क हादसे में काल के गाल में ना समाए.

उन्होंने कहा कि हम यह अपील करते हैं कि घर की महिलाएं घर से परिवार के लोगों को बाइक से निकलते समय हेलमेट जरूर हाथ में दे दे ताकि वे सही सलामत घर लौट सकें.