कुल्लू. सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोहतांग सुरंग के दोनों छोर जुड़ जाने से इस बार लाहौल घाटी के लोगों को सर्दियों में राहत मिली है. बीआरओ और स्थानीय प्रशासन के बेहतर तालमेल के चलते मरीजों व परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को रोहतांग सुरंग से आने-जाने की सुविधा मिल गई है. हालांकि अभी तक इस सुविधा का किसी मरीज ने लाभ नहीं उठाया है.
नवंबर में हुए बैठक में यह सुविधा देने पर बनीं थी बात
खराब मौसम में बीमार होने की सूरत में लोग खासे परेशान हो जाते थे. हवाई सेवा न मिलने के चलते घाटी से बाहर निकलना नामुमकिन हो जाता था. इस बार बीआरओ और लाहौल-स्पीति प्रशासन के बीच नवंबर में हुई बैठक में लोगों को सुविधा देने पर सहमति बनी थी. अब आपात स्थिति में मरीज घाटी से बाहर जा सकेंगे और बीआरओ के सुरंग का कार्य भी प्रभावित नहीं होगा.
सुरंग का निर्माण जारी
रोहतांग सुरंग परियोजना के चीफ इंजीनियर कर्नल चंद्र राणा ने कहा कि रोहतांग सुरंग के दोनों छोर जोड़ देने के बाद बीआरओ सुरंग के आकार को सही रूप देने में जुट गया है. बीआरओ स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठाते हुए मरीजों को आने-जाने की सुविधा देगा.
गुफा होटल तक मार्ग बहाली का कार्य शुरू
केलंग के एसडीएम कुलवीर राणा ने कहा कि लाहौल-स्पीति प्रशासन मरीजों, परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों व जरूरतमंदों को चिह्नित करने के बाद ही रोहतांग सुरंग से आने-जाने की अनुमति देगा. बीआरओ ने गुफा होटल तक मार्ग बहाली का कार्य शुरू कर दिया है.
शिड्यूल जारी होते ही हवाई सेवा शुरू कर दी जाएगी
लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि रोहतांग दर्रा वाहनों के लिए बंद हो गया है. लाहौल-स्पीति प्रशासन ने हवाई सेवा की सुविधा प्रदान करने की तैयारी कर ली है. सभी हेलीपैड से बर्फ को हटाया जा रहा है. प्रशासन ने हवाई सेवा शुरू करने के लिए स्टाफ की तैनाती भी शुरू कर दी है. शिड्यूल जारी होते ही हवाई सेवा शुरू कर दी जाएगी.