मीजल्स-रूबेला टीकाकरण के लिए 6 अक्टूबर से चलेगा महाअभियान

मीजल्स-रूबेला टीकाकरण के लिए 6 अक्टूबर से चलेगा महाअभियान
प्रतीक चित्र

रायपुर. जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम की अध्यक्षता में बुधवार को राष्ट्रीय कार्यक्रम मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान के संबंध में आवश्यक बैठक आहूत की गई थी. इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के.कनवर ने बताया कि मीजल्स-रूबेला (एम.आर.) टीकाकरण आगामी 6 अक्टूबर 2018 से किया जाना है.

जिले में व्यापक रूप से चलने वाले इस टीकाकरण अभियान में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत विभाग के अलावा अन्य विभागों के समन्वय की दरकार रहेगी. बैठक में जानकारी दी गई कि अभियान के अंतर्गत 09 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से शासकीय एवं प्राइवेट स्कूल, आंगनबाड़ी आदि स्थलों में टीकाकरण सत्र लगाकर मीजल्स-रूबेला (एम.आर.) का टीका लगाया जाएगा.

टीकाकरण के लिए जिले के उक्त आयु समूह के 1 लाख 80 हजार बच्चों को चिन्हांकित किया गया है. यह अभियान 6 अक्टूबर से प्रारंभ होकर आगामी 19 दिसम्बर 2018 तक कुल 35 दिन तक चलाया जाएगा. टीकाकरण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों की भूमिका प्रमुख रहेगी. सीएमएचओं ने एम.आर. टीके के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि बच्चों को यह टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा.

टीकाकरण में आटो डिसकट सिरींज ही यूज होगी इस सुई का केवल एक ही बार उपयोग किया जाएगा. टीकाकरण के बाद बच्चे के बाएं अंगूठे में अमिट स्याही से चिन्ह लगाया जाएगा. जिस प्रकार लोगों की पल्स पोलियो अभियान में भागीदारी रही है, उसी तरह अभिभावक उक्त बीमारी से बचाव के लिए अपने बच्चों को इसका टीका अवश्य लगवायें.

उन्होंने कहा कि इस टीका का किसी प्रकार का साईड इफेक्ट नहीं पड़ेगा. यदि किसी बच्चे को एम.एम.आर. का टीका पहले से लगाया जा चुका है तो उसे भी यह टीका लगाया जा सकता है. टीकाकरण के संबंध में अफवाहों को दूर करने के लिए इसमें मीडिया प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को उन्होंने जरुरी बताया.

जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने सभी संबंधित विभागों को इसमें समन्वय स्थापित कर जिले में इस टीकाकरण अभियान के सफलतापूर्वक संचालन करने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इस कार्य के संपादन के लिए सभी स्वयं सेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया सहित आम नागरिकों को सहयोग जरुरी है जिससे मीजल्स-रूबैला (एम.आर.) बीमारी से अपने भावीपीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सके.

बैठक में वनमण्डलाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी.एस.सोरी, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण सिंह नागेश, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रविकांत ध्रुवे, सिविल सर्जन डॉ.एस.पी. वारे, डॉ.एस.टोप्पो सहित टास्क फोर्स समिति के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे.