जयपुर: सचिन पायलट आज से ‘जन संघर्ष यात्रा’ पर निकालने जा रहे हैं. पायलट ने अपनी इस यात्रा को पेपर लीक प्रकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना बताया है जबकि अपनी ही पार्टी की सरकार में उनकी इस पदयात्रा के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.

अजमेर से जयपुर तक पदयात्रा
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अजमेर से जयपुर की पांच दिवसीय जन संघर्ष यात्रा शुरू कर दी है. यात्रा शुरू करने से पहले वह ट्रेन से अजमेर पहुंचे और फिर वहां आम जनता और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. सचिन पायलट ने इस दौरान कहा कि राजनीति आग का दरिया और उसे तैर कर पार करना होगा.
सचिन पायलट ने अशोक उद्यान में जनता को संबोधित करते हुए कहा, ‘पिछले कुछ समय में लगातार पेपर लीक हुए. बात युवाओं के भविष्य की है. कौन-कौन लोग इस पेपर लीक के पीछे हैं, मैंने ये बात उठाई थी. जांच पूरी हुई नहीं और कहा गया कि कोई अधिकारी कोई नेता इसमें शामिल नहीं है. वसुंधरा जी के कार्यकाल में लगातार भ्रष्टाचार हुआ. उस समय मैंने अध्यक्ष रहते हुए आरोप लगाए थे.
जनता को हमने ये आश्वासन दिया कि सत्ता में आएंगे तो दूध का दूध पानी का पानी करेंगे. मैंने मौजूदा मुख्यमंत्री को 1.5 साल तक लगातार चिट्ठी लिखी कि वसुंधरा राजे सरकार के समय लगे आरोपी की जांच होनी चाहिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.’
हेमराज जी पर आरोप लगाना गलत- सचिन
पायलट ने आगे कहा, ‘हेमराज जी पर आरोप लगाना गलत है. वह इंदिरा गांधी जी के समय से राजनीति में हैं, उन्होंने अपने स्वर्गीय पुत्र की याद में हॉस्टल बनाया. जनता सब जानती है. अखबार में छपे या ना छपे. मुझ पर अपने तो क्या विरोधी भी आरोप नहीं लगा सकते. वहीं, पत्रकारों से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा, ‘कोई क्या है कहता है, इससे फर्क नहीं पड़ता, हमने यह यात्रा शुरू करने का फैसला किया है क्योंकि जनता हममें विश्वास करती है.’
अजमेर से यात्रा शुरू करने के पीछे बताई थी यह वजह
सचिन पायलट ने इस भाषण के बाद 125 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की. इस दौरान हजारों की संख्या में उनका साथ देने समर्थक अजमेर पहुंचे और सभी ने उनके साथ जयपुर के लिए कूच किया. सचिन पायलट की की यात्रा सुबह और फिर शाम में होगी जबकि रात के वक्त किसी गांव में ठहराव किया जाएगा. सचिन पायलट ने इससे पहले भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करते हुए एक दिन का अनशन भी किया था.
दरअसल, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि आरपीएससी से लगातार पेपर लीक हुए हैं और इसे लेकर राजस्थान की जनता में, यहां के युवाओं में आक्रोश है. हाल ही में आरपीएससी का सचिव भी गिरफ्तार हुआ. इसके बाद से यह साफ होता दिख रहा है कि पेपर लीक के मामलों में आरपीएससी खुद शामिल है. क्योंकि आरपीएससी का कार्यालय अजमेर में है, इसलिए यात्रा की शुरुआत यहां से की जा रही है.
