साध्वी प्रज्ञा ने शहीद हेमंत करकरे पर दिया विवादित बयान

नई दिल्ली. भाजपा ने जब से साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ अपना उम्मीदवार बनाया है तब से लगातार वो अपने बयानों के कारण सुर्खियों में है. एक जनसभा के दौरान साध्वी ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया है.

क्या कहा साध्वी प्रज्ञा ने

एक सभा में साध्वी प्रज्ञा ने कहा, ‘’वो जांच अधिकारी सुरक्षा आयोग का सदस्य था, उन्होंने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि साध्वी को छोड़ दो. लेकिन हेमंत करकरे ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा लेकिन सबूत लाउंगा और साध्वी
को नहीं छोड़ूंगा. ये उसकी कुटिलता था ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए. मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिसदिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ.’’

कौन थे हेमंत करकरे

हेमंत करकरे मुंबई में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे. इसके अलावा जिस केस में साध्वी प्रज्ञा आरोपी थीं, उस मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच इनके पास ही थी.
1982 में वो आईपीएस अधिकारी बने, महाराष्ट्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के बाद इनको एटीएस चीफ बनाया गया था. इस दौरान इन्होंने कई कारनामे किए. 26 नवंबर 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ. हेमंत करकरे दादर स्थित अपने घर पर थे. वह फौरन अपने दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे. उसी समय उनको खबर मिली कि कॉर्पोरेशन बैंक के एटीएम के पास आतंकी एक लाल रंग की कार के पीछे छिपे हुए हैं. वहां तुरंत पहुंचे तो आतंकी फायरिंग करने लगे. इसी दौरान एक गोली एक आतंकी के कंधे पर लगी. वो घायल हो गया. उसके हाथ से एके-47 गिर गया. वह आतंकी अजमल कसाब था. इसी दौरान आतंकियों की ओर से जवाबी फायरिंग में तीन गोली इस बहादुर जवान को भी लगी, जिसके बाद वह शहीद हो गए.26 नवंबर 2009 में इस शहीद की शहादत को सलाम करते हुए भारत सरकार ने
मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था.

साध्वी की उम्मीदवारी का विरोध 

साध्वी की उम्मीदवारी को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. पहले तहसीन पूनावाला ने उनकी ज़मानत रद्द करने की अपील की और अब मालेगांव धमाके के पीड़ित के पिता ने NIA की कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी जमानत पर
सवाल उठा दिए हैं. एनआईए कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा गया है कि साध्वी प्रज्ञा को कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों के चलते जमानत दी थी, तो ऐसे में वह भोपाल से लोकसभा का चुनाव कैसे लड़ सकती हैं.

रजनीतिक बयानबाजी 

वहीं साध्वी प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर महाराष्ट्र के देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी चुनाव लड़ सकते हैं तो साध्वी प्रज्ञा क्यों नहीं. उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा पर गलत तरीके से केस हुआ. असदुद्दीन ओवैसी ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर कहा कि भाजपा किसी शहीद का अपमान कैसे कर सकती. वो किसी शाप से नहीं मरें. उन्होंने आतंक के खिलाफ लड़ते हुए अपनी शहादत दी.