नई दिल्ली. भारत के सबसे बड़े financial fraud cases में से एक Sahara India Scam में बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहारा ग्रुप, इसके संस्थापक सुब्रत रॉय, उनकी पत्नी, बेटे और कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ chargesheet दाखिल की है। यह चार्जशीट कोलकाता की PMLA कोर्ट में दायर की गई है और इसमें लगभग ₹1.74 लाख करोड़ के घोटाले का जिक्र है।
Sahara India Scam: करोड़ों निवेशकों से वादा लेकिन लौटाई नहीं रकम
ईडी की चार्जशीट के अनुसार सहारा इंडिया और इसकी सहयोगी कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने crores of investors से पैसा जुटाया और उन्हें high returns का वादा किया। लेकिन बाद में निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया गया। इस घोटाले में सुब्रत रॉय की पत्नी सपना रॉय, बेटा सुशांत रॉय, और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी जेपी वर्मा और अनिल अब्राहम भी शामिल बताए गए हैं।
सुब्रत रॉय के बेटे को भगोड़ा घोषित किया गया
इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ईडी ने सुब्रत रॉय के बेटे सुशांत रॉय को fugitive घोषित कर दिया। कई बार summons भेजे जाने और पूछताछ के लिए बुलाने के बावजूद वह ईडी के सामने पेश नहीं हुए। अब ईडी ने उनके खिलाफ non-bailable warrant जारी करने की तैयारी कर ली है।
High Return Scheme बना बड़ा घोटाला
सहारा इंडिया ने निवेशकों को guaranteed profits और high return schemes का लालच देकर पैसा जमा कराया। लेकिन करोड़ों लोग अपनी जीवनभर की बचत गंवा बैठे। अब यह मामला देश के सबसे बड़े Ponzi schemes में गिना जा रहा है।
ED Raids और Asset Attachment
ईडी ने जुलाई और अगस्त 2025 में देशभर के कई शहरों में search operations चलाए। जांच के दौरान एजेंसी ने सहारा ग्रुप की 707 एकड़ जमीन और अन्य संपत्तियों को proceeds of crime मानते हुए अटैच किया है।
Sahara Entities पर 500 से ज्यादा FIR
ईडी ने सहारा से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ 500 से ज्यादा FIRs दर्ज की हैं। यह आंकड़ा इस घोटाले की व्यापकता और इसके multi-level fraud होने का सबूत है।
हमारी भारत सहकारी समिति की जांच
चार्जशीट के अलावा ईडी ने Humara India Cooperative Society में भी घोटाले का खुलासा किया है। यहां से ₹24,000 करोड़ से अधिक की राशि इकट्ठा की गई थी। यह जांच बताती है कि सहारा का यह घोटाला सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें कई सेक्टरों तक फैली हुई थीं।
नतीजा
Sahara Scam 2025 अब भारत के सबसे बड़े financial frauds in history में से एक बन चुका है। करोड़ों छोटे निवेशक आज भी अपने पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। ईडी की यह चार्जशीट आने वाले समय में सहारा ग्रुप और इसके शीर्ष प्रबंधन के लिए बड़ी कानूनी मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
