हिमाचल : संयुक्त किसान मोर्चा 7 अप्रैल को पांवटा साहिब में करेगा किसान महापंचायत, राकेश टिकैत सहित अन्‍य नेता लेंगे भाग

हिमाचल : संयुक्त किसान मोर्चा 7 अप्रैल को पांवटा साहिब में करेगा किसान महापंचायत, राकेश टिकैत सहित अन्‍य नेता लेंगे भाग - Panchayat Times
Rakesh Tikait and others take parts in a Kisan Mahapanchayat in Haryana's Karnal Source :- Tikait's Twitter

शिमला. केन्द्र सरकार द्वारा सितंबर 2020 में लाये गये कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 4 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान नेताओं द्वारा देशभर में महापंचायत करने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा 7 अप्रैल को पांवटा साहिब में किसान महापंचायत करने जा रही है. इसमें किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत सहित अन्‍य नेता भाग लेंगे.

महापंचायत में विभिन्न किसान संगठन होंगे शामिल

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक तरसेम सिंह ने शिमला में गुरूवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आंदोलन को चार महीने हो गए हैं. प्रदेश में गन्ने, गेहूं, मक्की की कोई खरीद नहीं है.

उन्‍होंने आरोप लगाया कि मोदी के शासन में किसानों पर अत्याचार किए जा रहे हैं. इन कानूनों से सस्ती फसल खरीद कर स्टोर किया जाएगा और महंगी कीमतों पर बेचा जाएगा. इन कानूनों से किसानों की भूमि पर कब्जा किया जाएगा, जिसके लिए यह कानून बनाया गया है.

किसान पंचायत में देशभर के 35 हजार किसान लेंगे भाग

तरसेम ने कहा कि किसान पंचायत में देशभर के 35 हजार किसान भाग लेंगे. उन्होंने कहा मोदी को इसलिए चुना गया था कि वह जनता को सुविधाएं दें. लेकिन आज मोदी ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है. महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत भी भाग लेंगे.

तीन कृषि कानून निरस्त किए जाएं

किसान सभा के अध्यक्ष कुलदीप तंवर ने कहा कि किसानों की मांग है कि तीन कृषि कानून निरस्त किए जाएं. 23 फसलों पर जिसमें गन्ना, कपास, मक्की आदि पर न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित होना चाहिए.

प्रदेश में सेब, टमाटर लहसुन, अदरक पर आधारित उद्योग लगाए जाएं व किसान बागवानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार इन्हें खरीदे. महापंचायत के माध्यम से सरकार पर इन तीन कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के लिए दबाव बनाया जाएगा.