मंडी (सरकाघाट). उपमंडल मुख्यालय में बीचों-बीच बाजार में स्थित बचत भवन या सराय अपनी बदहाली के आंसू रो रही है. प्रशासन की लापरवाही के चलते दिनों-दिन खंडहर में तब्दील हो रही है. इस विश्राम गृह का निर्माण करीब एक सौ साल पहले क्षेत्र के एक दानदाता द्वारा करवाया गया था.
एक चौकीदार की नियुक्ति भी की गई
जिनका उद्देश्य मंडी और सुकेत जो वर्तमान में सुंदरनगर के नाम से जाना जाता है. यात्रियों के आराम के लिए बनवाया गया था. यहां पर एक चौकीदार की नियुक्ति भी की गई जो सराय के बिस्तरों और अन्य सभागार के सामान की रक्षा कर सके. निचली मंज़िल पर शौचालयों और स्नानागार की भी व्यवस्था की गई.

अचानक लगाये गए ताले
कुछ वर्ष तो इस भवन का लोगों और नागरिकों ने सभाएं करने, शादियों में मेहमानों को ठहराने और रात को यात्रियों को विश्राम करने के लिए उपयोग हुआ. लेकिन करीब एक दशक से एकाएक सभागार और आवासीय कमरों के बाहर ताले लगा दिए गए. उस वक्त से लेकर वर्तमान समय तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोगों ने इसके सुधार बारे नहीं सोचा. लेकिन उपमंडल स्तर पर अनेक सयंसेवी संस्थाओं के गठन के बाद अब इस सराय के ताले को खोलने और इसके पुननिर्माण की मांग उठने लगी है.
नगर सुधार समिति के अध्यक्ष सोहन लाल गुप्ता, सचिव जगदीश चंद राणा, सदस्य सीता राम शर्मा, समाजसेवी तेज नाथ शर्मा, जीवन लाल शर्मा और सेवानिवृत प्रधानाचार्य बलबीर वर्मा सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने सराए को लगे ताले को खोलने और इसके पुननिर्माण की मांग की है. इस बारे जब एसडीएम डॉ. सुरेश जस्वाल से बात की गई तो बताया कि समिति का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे इस बारे मिला है, शीघ्र ही बजट प्रावधान होने पर इसकी मरम्मत काम शुरू कर दिया जाएगा.