स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग 21 जनवरी से 23 जनवरी तक: रघु शर्मा

हिमाचल में स्वाइन फ्लू के इतने मामले और आए सामने-Panchayat Times
प्रतीक चित्र
जयपुर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम, जागरूकता एवं स्क्रीनिंग के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत घर-घर जाकर स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग की जाएगी.
चिकित्सा मंत्री ने गुरुवार को शाम को स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्च स्तरीय स्वाइन फ्लू समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से बचाव, रोकथाम और इसके त्वरित उपचार की चिकित्सा सेवायें सभी जिलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध करवाई जा रही हैं. अभी तक 5 हजार 130 संपर्क की जांच में से 1 हजार 23 सैम्पल स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए. स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है एवं रेपिड रेस्पोंस टीमें घर-घर जाकर हेल्थ स्क्रीनिंग का कार्य भी कर रही हैं.
स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग 21 जनवरी से 23 जनवरी तक :रघु शर्मा-Pan
स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था 
डॉ. शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी के संपर्क में आए लोगों और पड़ोसियों की समुचित स्क्रीनिंग के साथ-साथ रेनबसेरों, स्कूलों, होटलों एवं छात्रावास इत्यादि स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. उन्होंने बताया कि तेज बुखार, जुखाम,  5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों एवं गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतकर टेमीफ्लू की दवाई दी जा रही है.
लाइलाज नहीं है, स्वाइन फ्लू
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं हैं, बल्कि सावधानी बरतने तथा स्वाईन फ्लू के लक्षण दिखते ही, चिकित्सक से सम्पर्क करने की जरूरत है. समय पर उपचार लेने से स्वाइन फ्लू का उपचार हो सकता है.
छात्रों को स्वाइन फ्लू के बारे में किया जायेगा जागरूक
डॉ. शर्मा ने बताया कि सभी राजकीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना सभाओं मेें छात्रोें को स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी दी जाएगी. उन्हें स्वाइन फ्लू के लक्षणों एवं उपचार के बारे में बताया जाएगा. उन्होंने इस संबंध में शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर यह जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.
दवाई और जांच सुविधाओं की समीक्षा
चिकित्सा मंत्री ने स्वाइन फ्लू की दवा ऑस्लटामिविर और अन्य लॉजिस्टिक इत्यादि की उपलब्धता की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक दवाईयां उपलब्ध हैंं. प्रदेश के सरकारी संस्थनों में चिकित्सक के परामर्श पर स्वाइन फ्लू जांच की निःशुल्क व्यवस्था की गई हैं. कुल 12 प्रयोगशालाओं में जांच सुविधा उपलब्ध है. सभी सातों मेडिकल कॉलेज (जयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर एवं झालावाड़) के अस्पतालों एवं जोधपुर के डीएमआर सेन्टर सहित 4 निजी लैब डॉ. लाल पैथलेब, एसआरएल, बी लाल एवं कृष्णा लैब में जांच सुविधाएं उपलब्ध है.
स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए सभी जिला अस्पतालों, सब डिवीजन अस्पतालों, सैटेलाइट अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार बैड, उपकरण एवं स्टॉफ कार्मिकों को आरक्षित कर आईसोलेशन वार्ड संचालित हैं.
स्वाइन फ्लू के लिए अलग से बैड आरक्षित
डॉ. शर्मा ने बताया कि सभी जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए अलग से 20 से 25 बैड आरक्षित करते हुए आवश्यकतानुसार आईसीयू वार्ड में वेन्टीलेटर्स भी आरक्षित किए गए हैं. मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों एवं उपखंड अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच एवं उपचार के लिये अलग से आउटडोर प्रारंभ किए गए हैं.
सघन मॉनिटरिंग
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रभारी अधिकारियों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्राें तक जाकर स्वाइन फ्लू की उपचार व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा हैं. मौसमी बीमारियों को ष्टिगत रखते हुए चिकित्सकों को मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थगित करने के भी निर्देश दिए है.