नई दिल्ली. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, डेयरी, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
100 CBSE स्कूलों के लिए अलग सब-कैडर
कैबिनेट ने राज्य के 100 CBSE स्कूलों के लिए एक समर्पित सब-कैडर बनाने को मंजूरी दी। इसके तहत भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
सुक्ख आश्रय योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री सुक्ख आश्रय योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब धर्मशाला के टोंग-लेन स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी शामिल किया गया है। साथ ही 70% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले एक या दोनों माता-पिता के बच्चों और ऐसे बच्चों को भी योजना का लाभ मिलेगा, जिनके एक अभिभावक की मृत्यु हो चुकी है और दूसरा अभिभावक उन्हें छोड़ चुका है।
शीतलपुर में वर्ल्ड क्लास टाउनशिप
हिमाचल-चंडीगढ़ सीमा पर बद्दी क्षेत्र के शीतलपुर में 3,400 बीघा सरकारी व निजी भूमि पर एक वर्ल्ड क्लास टाउनशिप विकसित करने को हरी झंडी दी गई। यहां आधुनिक बुनियादी ढांचा और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बिलासपुर में MIISTER यूनिवर्सिटी
बिलासपुर जिले के घुमारवीं में PPP मोड पर मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च (MIISTER) की स्थापना को मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य डिजिटल और उद्यमशील कार्यबल तैयार करना है।
PEHEL परियोजना को मंजूरी
PEHEL (Pastoralists Employment in Himalayan Ecosystems for Livelihoods) परियोजना के तहत पशुपालकों की आजीविका मजबूत करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, पारंपरिक पशु नस्लों के संरक्षण और मार्केट लिंकज व वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जाएगा।
आपदा प्रबंधन परियोजना: 892 करोड़ का निवेश
फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी के सहयोग से पांच वर्षों में लागू होने वाली हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं तैयारी परियोजना को मंजूरी दी गई। इसकी कुल लागत 892 करोड़ रुपये होगी।
डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
नाहन, नालागढ़, मोहल और रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र; हमीरपुर के जलाड़ी में मिल्क चिलिंग सेंटर; ऊना के झलेरा में बल्क मिल्क कूलर और करसोग व पांगी में समान सुविधाओं को मंजूरी दी गई। यह परियोजनाएं MILKFED और NDDB द्वारा लागू होंगी।
स्वास्थ्य और प्रशासन में भर्ती
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 53 सहायक प्रोफेसर, 600 स्टाफ नर्स और 121 अन्य पदों को भरने की स्वीकृति दी गई। ग्रामीण विकास विभाग में 10 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पद भी भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग में अनुकंपा आधार पर 28 लोगों को रोजगार देने को भी मंजूरी मिली।
भूमि संरक्षण अधिनियम में संशोधन
हिमाचल प्रदेश भूमि संरक्षण अधिनियम, 1978 में संशोधन कर प्राकृतिक आपदा, बीमारी या कीट संक्रमण से प्रभावित सूखे चीड़ (पाइन) पेड़ों की नियंत्रित कटाई को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अनुमति दी जाएगी।
अन्य अहम फैसले
पिछड़ा वर्ग आयोग का मुख्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित
कांगड़ा जिले के इंदौरा के मालोट में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना को मंजूरी
ये फैसले राज्य में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।
