चतरा: टंकी निर्माण के 3 साल बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिला पीने का स्वच्छ पानी

चतरा: टंकी निर्माण के 3 साल बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिला पीने का स्वच्छ पानी - Panchayat Times

चतरा. पत्थलगड़ा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित ग्रामीण जलापूर्ति योजना के पूरे तीन साल बीत जाने के बाद भी आधी आबादी को अबतक स्वच्छ पानी नहीं मिल पाया है. लोगो के दरवाजे पर लगा नल उन्हें मुंह चिढ़ा रहा है. ग्रामीणों ने इसकी कई बार शिकायत भी की लेकिन अबतक कोई फायदा नहीं पहुंचा है.

प्रदूषित पानी पीने को मजबूर

वर्ष 2016-17 में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत पीएचडी विभाग से प्रखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल लेम्बोईया पहाड़ी के पास भव्य और गगन चुम्बी पानी टंकी का निर्माण कराया गया था. लेम्बोईया के धनोना नदी में इंटेकवेल बनाकर पानी टंकी में पानी शिफ्ट किया गया. इस योजना से प्रखंड के बरवाडीह, सिंघानी व नोनगांव पंचायत के 12 गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचाना था.

नोनगांव के आधे दर्जन स्थानों पर योजना के तीन साल बीत जाने के बाद भी एक बूंद पानी नही

परंतु योजना के तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी तक आधी आबादी को स्वच्छ पानी नहीं मिल पाया है. आधी आबादी के लिये जलापूर्ति की भी जाती है, तो वह नियमित नहीं है. कभी-कभार जलापूर्ति कर कोरम पूरा किया जा रहा है.

ऐसे में ग्रामीणों को जलापूर्ति योजना का संपूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है. यहां की बहुप्रतीक्षित ग्रामीण जलापूर्ति योजना लोगों की प्यास बुझाने से पहले ही धरासाई होने लगा है.

तीन पंचायतों के 12 गांवों में 36 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाया गया था

दुम्बी और नोनगांव के आधे दर्जन से अधिक स्थानों पर योजना के तीन साल बीत जाने के बाद भी एक बूंद पानी नहीं पहुंच पाया. जबकि इस योजना से घर-घर पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजना बनायी गयी थी. इसके लिये तीन पंचायतों के 12 गांवों में 36 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाया गया था.

ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत

दुम्बी के कोदवारी, पुरनाटांड व दुम्बी मंडप, दुम्बी-कोदवारी रोड, नोनगांव के नोनगांव चौक, हॉस्पिटल कॉलोनी, बनवारा में योजना के निर्माण के तीन साल बाद भी एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार संबंधित विभाग, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला प्रशासन, मुखिया व जनप्रतिनिधियों से की, परंतु अब तक किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया गया.