घर से भागे हुए प्रेमी जोड़ों को इस मंदिर में मिलता है आसरा और सुरक्षा

शांघड़ गांव का शंगचूल महादेव मंदिर. यहां प्रेमी जोड़ों - Panchayat Times

नई दिल्ली. जब प्यार का दुश्मन सारा जहां बन जाता है तो जो भी सहारा दे वो भगवान से कम थोड़े ही होता है. वहीं, अगर भगवान खुद आपकी रक्षा में तैयार रहें तो आप क्या कहेंगे. कहते हैं जिनका कोई नहीं होता उनका भगवान होता है. इस बात को सच साबित करता है हिमाचल में कुल्लू जिला के शांघड़ गांव का शंगचूल महादेव मंदिर. यहां प्रेमी जोड़ों को न सिर्फ शरण दी जाती है बल्कि उनकी रक्षा भी की जाती है, उन्हें मेहमान के तौर पर मंदिर परिसर में रखा जाता है. प्रेमी जोड़े के रिश्तेदार तो दूर यहां तक कि पुलिस को भी अंदर आने की इजाजत नहीं होती है.

शांघड़ गांव का शंगचूल महादेव मंदिर. यहां प्रेमी जोड़ों - Panchayat Times

इस देश की सच्चाई है कि हजारों-लाखों प्रेमी जोड़े अपनी जान बचाते हुए समाज के डर से भागे फिरते हैं. कम ही ऐसे लोग होते हैं जो उन्हें शरण देते हैं. ऐसे में ये मंदिर वाकई लाजवाब है. पांडवों के जमाने से इस मंदिर में पीड़ितों को शरण देने की परंपरा रही है. फिलहाल यहां घर से भागनेवाले प्रेमी जोड़ों को ही आसरा दिया जाता है.

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यहां आने के बाद प्रेमी जोड़े खुद को काफी सुरक्षित महसूस करते हैं. शंगचूल महादेव मंदिर के पास 100 बीघा का मैदान है. जैसे ही इस सीमा में कोई प्रेमी जोड़ा पहुंचता है वैसे ही मान लिया जाता है कि वो भगवान की शरण में आ गए हैं, अब उन्हें कोई तंग नहीं कर सकता है. मामला जबतक सुलझ नहीं जाता तबतक मंदिर के पंडित प्रेमी जोड़ों की खूब खातिरदारी करते हैं. पुलिस की भी हिम्मत नहीं होती कि मंदिर प्रशासन से इस मामले में कोई बात करे.

शांघड़ गांव का शंगचूल महादेव मंदिर. यहां प्रेमी जोड़ों - Panchayat Times

शराब, सिगरेट, हथियार और चमड़े का सामान

मान्यता के अनुसार अज्ञातवास के समय पांडव यहां कुछ समय के लिए ठहरे थे और उनका पीछा करते हुए कौरव भी पहुंच गए थे. तब भगवान महादेव ने कौरवों को रोका और कहा कि ये मेरा क्षेत्र है यहां तुम नहीं आ सकते, जो भी मेरी शरण में आता है उसकी मैं रक्षा करता हूं और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. तब कौरव को पीछे जाना पड़ा था. तब से लेकर आजतक जब भी कोई प्रेमी जोड़ा घर से भागकर महादेव की शरण में आता है तो स्वयं महादेव उनकी रक्षा करते हैं. मंदिर में सख्त नियम बनाए गए हैं. यहां शराब, सिगरेट, हथियार और चमड़े का सामान लेकर आना मना है. मंदिर परिसर में झगड़ा करना मना है, ऊंची आवाज में बात करने की इजाजत नहीं है.

शांघड़ गांव का शंगचूल महादेव मंदिर. यहां प्रेमी जोड़ों - Panchayat Times