मैकलोड़गंज में शुरू हुआ ऑल इंडिया तिब्बत सुर्पोट ग्रुप का छठा सम्मेलन

मैकलोड़गंज में शुरू हुआ ऑल इंडिया तिब्बत सुर्पोट ग्रुप का छठा सम्मेलन-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

धर्मशाला. धर्मगुरू की नगरी मैकलोड़गंज में 15 व 16 जून को ऑल इंडिया तिब्बत सुर्पोट ग्रुप का छठा सम्मेलन आयोजित हो रहा है. इस सम्मेलन में समूचे भारत से 180 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस महासम्मेलन का आयोजन धर्मगुरू दलाईलामा के निर्वासन में 60 साल पूरे होने एवं तिब्बत के भीतर गंभीर हालात को देखते हुए किया जा रहा है.

इस सम्मेलन मे तिब्बती पीएम डा. लोबसांग सांग्ये सहित भारत तिब्बत सहयोग मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार और भारत तिब्बत मैत्री संघ के राष्ट्रीय महासचिव डाॅ. आनंद कुमार व अन्य गणमान्य लोग सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे. उधर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया तिब्बत सूर्पोट ग्रुप के राष्ट्रीय संयोजक ऑर.के. खरीमेय ने कहा कि चीन के तिब्बत पर अवैध कब्जे के विरोध और धर्मगुरू दलाईलामा की तिब्बत वापसी की मांग को लेकर अब तक 153 बेकसूर तिब्बती आत्मदाह कर अपनी जान दे चुके हैं.

उन्होंने कहा कि तिब्बत में चीन की करीब 60 साल की विफल नीतियों ने एक ऐसे हालात को जन्म दिया है. जिसमें तिब्बतियों के नागरिक, राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक अधिकारों पर बड़े पैमाने पर हमले हो रहे हैं. उन्होंने कहा की फ्रीडम हाउस की साल 2018 की रिर्पोट के अनुसार सीरिया के बाद तिब्बत दूसरा सबसे उत्पीड़ित क्षेत्र है.

पत्रकार वार्ता में मौजूद ऑल इंडिया तिब्बत सूर्पोट कोर ग्रुप के राष्ट्रीय सह संयोजक सुदंर कुमार ने कहा कि तिब्बती मानवाधिकार रक्षकों को कामकाज के लिए सुरक्षित जगह नही बची है और अक्सर उन्हें अपने ऐसे प्रयासों के लिए आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ता हैं. उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच तिब्बत के महत्वपूर्ण अस्तित्व को देखते हुए भारत के लिए तिब्बत का क्या महत्व है. चीन के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्तों का भारत ने बहुत सम्मान किया है.