अक्षम लोगों के साथ-साथ युवाओं के लिए ऐसे प्रेरणा का स्त्रोत बना संजीव

सोलन. कई बार शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हुए भी हम मानसिक चुनौतियों के सामने हार मान लेते हैं, लेकिन क्या हम उनके बारे में कभी सोचते हैं जो शारीरिक रूप से कई काम करने में अक्षम होते हैं और उसके बावजूद हमसे ज्यादा सकारात्मक जिंदगी जी रहे होते हैं.

ऐसे ही एक व्यक्ति हैं, धुन्धन के संजीव जो एक सफल बिजनेसमैन है हार्ड वेयर की दूकान चलाते हैं. वह एक जिंदा दिल इंसान हैं. जिन्होंने अपने जीवन पर अपनी दुर्बलता और अक्षमता को अपने ऊपर हावी होने नहीं दिया और जिस चीज़ को पाने की इच्छा की उसे कड़ी मेहनत कर हासिल कर ही दम लिया.

आप को बता दें की सुरेन्द्र की दोनों टांगे बिलकुल नहीं चलती. वह शारीरिक तौर पर चलने में पूरी तरह से लाचार है. लेकिन, वह अक्सर  गांव के युवाओं को बुलेट चलाते हुए देखता था. संजीव के मन में भी आम युवकों की तरह बाईक चलाने की इच्छा थी. उसने अपनी इच्छा अपने दोस्तों के बीच रखी तो उन्होंने हंस कर टाल दिया, लेकिन संजीव अपना मन बना चुका था.

उसने दिन रात एक कर बुलेट खरीदने के लिए पैसा जुटाना शुरू किया. पिता ने भी अपने बेटे की इस ख्वाइश को पूरा करने में सहायता की. बस फिर क्या था आखिर संजीव का सपना पूरा हुआ और उसने बुलेट खरीद ही ली बाईक को विशेष रूप से बदलाव कर उसे अपने चलाने लायक बनवाया. तब से अब तक संजीव के हौंसलों का सफर बिना रुके चल रहा है. अब संजीव अपने बुलेट से केवल अपने क्षेत्र में ही प्रसिद्ध नहीं है. बल्कि वह अपने हौंसले के लिए प्रदेश भर में जाना जाता है.

जहां एक ओर आम युवक बुलेट चलाने से डरता है. वहीं संजीव न केवल अपने क्षेत्र में बाईक चलाते हैं. बल्कि वह अब बाईक पर हिमाचल भ्रमण का मन बना चुके है. उन्होंने कहावत सिद्ध कर दी कि मंजिले उन्ही को मिलती है, जिनके सपनो में जान होती है, पंखो से कुछ नहीं होता, होसलों से उड़ान होती है.

मीडिया से बातचीत में संजीव ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज वह जहां भी जाते है. लोग उन्हें देखने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए आते है जिसके चलते उन्हें बेहद ख़ुशी होती है. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति कुछ करने की ठान ले और उसे करने के लिए दृढ संकल्प हो तो उसके सपने अवश्य ही पूरे होते है, उन्हें बाईक चलाते हुए देख अन्य अक्षम व्यक्ति भी उनसे उनके अनुभवों को बांटना चाहते है और वह भी उनकी तरह अपने सपने पूरा करना चाहते हैं. जिसके लिए वह उन से सम्पर्क साध रहे हैं जिसे देख कर उन्हें बेहद ख़ुशी मिलती है.