नहीं सुनीं किसी ने फरियाद, गांव वालों ने खुद बनाया रास्ता

सोलन. सेरी पंचायत के नडोह गांव की सुध कोई भी लेने को तैयार नहीं है सड़क के नाम पर यहां पन्द्रह वर्ष पहले इंटों की पगडंडी बनाई गई थी जिसके बाद बीते 15 वर्षों में रिपेयर के नाम पर दोबारा एक इंट भी नहीं लग पाई. आज हालत ये है कि गांव में कोई पक्की पगडंडी भी थी यह कह पाना भी कठिन है.

गांव वासियों ने खुद ही इस पगडंडी को ठीक करने का बीड़ा उठाया

गांववासियों ने इसकी शिकायत कई बार पंचायत में की. अपनी मांगे प्रधान के समक्ष भी रखी लेकिन उन्होंने भी इस पगडंडी को दुरुस्त करवाने की जहमत नहीं उठाई. जिसके चलते गांव वासियों ने खुद ही इस पगडंडी को ठीक करने का बीड़ा उठाया. फिर क्या था गांव के बच्चे बूढ़े और युवा सभी गांव के इस एकमात्र रस्ते को चौड़ा करने में जुट गए. लगभग 6 घंटों में उन्होंने पगडंडी को ऐसा बना दिया कि उस पर सभी उम्र के लोग बिना ठोकर खाए इस पगडंडी पर चल सकें.

मोबाइल की रौशनी में घर तक पहुंचना पड़ता है

लोगों ने कहा कि उनके गांव की पगडंडी की हालत इतनी खस्ता थी कि उस पर चलना भी दुभर हो चुका था. जिस पर चल कर कई लोग चोटिल हो चुके हैं उन्होंने कहा कि आज से 15 वर्ष पहले जब इस पगडंडी का निर्माण हुआ था तो इसकी चौड़ाई काफी ज्यादा थी लेकिन रखरखाव की कमी से यह सड़क कब पगडंडी बन गई, पता भी नहीं चला. उन्होंने कहा कि जब इस बारे में पंचायत प्रधान को सूचित किया तो उन्होंने इस पगडंडी को मरम्मत करवाने में रुचि नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि उनकी सड़क में लाइट तक की व्यवस्था नहीं है. आलम यह है कि उन्हें रात को मोबाइल की रौशनी में घर तक पहुंचना पड़ रहा है.