वीरभद्र और धूमल मानहानि मामले को सुलझाएं: हाईकोर्ट

वीरभद्र और धूमल मानहानि मामले को सुलझाएं: हाईकोर्ट
साभार इंटरनेट

शिमला. प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ दायर मानहानि की याचिका पर दोनों मुख्यमंत्रियों को अगली सुनवाई से पहले अदालत के बाहर इस मामले को सुलझाने के निर्देश दिए है. अदालत ने कहा कि अगर अगली सुनवाई तक इस मामले में दोनों पक्षों के बीच कोई सुलह नहीं होती है तो अदालत मेरिट के आधार पर सुनवाई करेगी.

29 मई को हुई सुनवाई को पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति तिरलोक सिंह चैहान ने दोनों पक्षों को इस मामले को दोस्ताना तरीके से सुलझाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे. लेकिन बुधवार को न वीरभद्र सिंह पेश हुए और न ही धूमल अदालत के सामने हाजिर हुए. अदालत ने कहा कि जिस तरह के विचित्र तथ्य इस मामले के है ,उन्हें देखते हुए इस मामले को दोस्ताना तरीके से सुलझाने के प्रयास होने चाहिए.

बुधवार को मामले की सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक ठाकुर की अदालत में हुई. अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष अदालत के बाहर अगर किसी समझौते पर पहुंचते है तो ठीक है अन्यथा अगली सुनवाई मेरिट पर की जाएगी.

याद रहे कि 15 जनवरी 2014 को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, प्रेम कुमार धूमल , उनके बड़े बेटे व अब केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर व उनके छोटे भाइ अरुण धूमल के खिलाफ सीजेएम की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया था. वीरभद्र से ने बाद में अरुण जेटी के मोदी सरकार में मंत्री बन जाने पर उनके खिलाफ दायर मुकदमें को वापस ले लिया था. सीजेएम ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अरुण धूमल के खिलाफ सम्मन जारी किए थे. लेकिन बाद में पता चला कि यह सम्मन प्रेम कुमार धूमल के नाम से जारी होने चाहिए थे.

इसे सही करने के लिए वीरभद्र सिंह की ओर से सत्र अदालत में दुरुस्ती की अर्जी डाल दी. इस अर्जी के खिलाफ धूमल ने 24 अक्तूबर 2017 को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी व दलीलें दी कि एक बार किसी को समन जारी हो जाए तो उन्हें दुरुस्त नहीं किया जा सकता. सत्र अदालत में वीरभद्र सिंह की ओर से दायर अर्जी अभी तक लंबित है. तब से लेकर इसी बिंदु पर सुनवाई चली हुई है. इस बीच हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुलह करने का मौका दिया है अब मामले की अगली सुनवाई सितंबर के पहले सप्ताह में रखी गई है.

याद रहे कि दिसंबर 2012 व उससे पहले से केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली,पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धमल व उनके दोनों बेटों अनुराग ठाकुर व अरुण धूमल की ओर से लगातार वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोला था. भ्रष्टाचार के आरोपों व आय से अधिक संपति मामलों में वीरभद्र सिंह व बाकियों के खिलाफ सीबीआइ व इडी की अदालतों में मामले चल रहे है।