नहीं रहे लोकसभा के ‘हेडमास्टर’ सोमनाथ चटर्जी, राजनेताओं ने जताया शोक

नई दिल्ली. लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का 89 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने कोलकाता के बेले वेऊ क्लिनिक में अंंतिम सांस ली. उन्हें हेमरेज की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. इससे एक महीने पहले उन्हें मस्तिष्क का आघात हुआ था. उनके निधन के बाद से ट्विटर पर #SomnathChatterjee ट्रैंड कर रहा है.

लोकसभा चुनाव में 10 बार जीत दर्ज करने वाले सोमनाथ चटर्जी का राजनीतिक कॅरियर 1968 से शुरू हुआ. वह इसी साल भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी से जुड़े थे. वह 1971 में वह पहली बार संसद के लिए चुने गए थे. उसके बाद से वह केवल एक बार चुनाव हारे. 1984 में जाधवपुर सीट के लिए चुनाव में उन्हें पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हार का सामना करना पड़ा.

 

 

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया है.

Former MP and Speaker Shri Somnath Chatterjee was a stalwart of Indian politics. He made our Parliamentary democracy richer and was a strong voice for the well-being of the poor and vulnerable. Anguished by his demise. My thoughts are with his family and supporters.

— Narendra Modi (@narendramodi) August 13, 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लिखा, “पूर्व सांसद और स्पीकर सोमनाथ चटर्जी भारतीय राजनीति के निष्ठावान व्यक्तित्व थे. उन्होंने संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध किया और गरीबों और असहाय लोगों की भलाई के लिए आवाज उठाते रहे. उनके निधन पर हम शोक में हैंं. इस दुख की घड़ी में हम उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों के साथ हैं.”

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ” मैं सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं. दस बार सांसद रहे और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी अपने आप में एक संस्था थे. वह पार्टी लाइन से ऊपर सभी सांसदों के लिए पूजनीय और प्यारे रहे. इस दु:ख की घड़ी में उनके परिवार को हमारी ओर से सांत्वना पहुंचे.”

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने अपने ट्वीट में लिखा है, “पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्री सोमनाथ चटर्जी जी के निधन की खबर सुनकर आहत हूँ. अपने पूरे जीवन में वे लोकतांत्रिक, उदार और सामाजिक लोकतंत्र के प्रति संघर्षशील रहे.”

 

वह 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे. साल 2008 में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा नहीं देने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. उनका जन्म  असम के तेजपुर में 25 जुलाई 1929 को हुआ था. उनके पिता मशहूर वकील और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापक सदस्य निर्मल चंद्र चटर्जी थे.