नहीं रहे ब्रह्मांड का रहस्य बताने वाले मशहूर वैज्ञानिक स्‍टीफन हॉकिंग

नई दिल्ली. ब्रह्मांड के रहस्‍यों को बताने वाले ब्रिटेन के भौतिक विज्ञानी स्‍टीफन हॉकिंग का निधन हो गया है. वह 76 साल के थे. परिवार वालों ने इस बात की पुष्टि की है.  ब्लैक होल और बैंग सिद्धांत को समझने में स्टीफन हॉकिंग का अहम योगदान है.

स्टीफन हॉकिंग मोटर न्यूरोन नाम की लाइलाज बिमारी से गुजर रहे थे. उनके दिमाग को छोड़कर शरीर का कोई भी अंग काम नहीं करता था. लेकिन इन सब दुश्वारियों से आगे निकलकर उन्होंने विज्ञान को बड़ा योगदान दिया.

ब्रह्मांड के रहस्यों पर उनकी किताब ‘ अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी काफी चर्चा में रही थी. इसके इलावा हॉकिंग ने द ग्रैंड डिजाइन, यूनिवर्स इन नटशेल, माई ब्रीफ हिस्ट्री, द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग जैसी कई प्रसिद्ध किताबें लिखीं.

अपनी बीमारी पर हॉकिंग ने कहा था कि बीमारी ने उन्हें वैज्ञानिक बनाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्हें ऐसा लगा कि वह लंबे समय तक जिंदा नहीं रह पाएंगे तो उन्होंने अपना सारा ध्यान रिसर्च करने पर लगा दिया.

मेरा जन्म बहुत सारे काम करने के लिए हुआ है

स्टीफन हॉकिंग ने एक बार कहा था कि वह पिछले 49 सालों से मैं मरने का इंतजार कर रहा हूं. लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मुझे मरने की कोई जल्दी नहीं है. मेरा जन्म बहुत सारे काम करने के लिए हुआ है और जब तक मैं सारे काम नहीं कर लूंगा मैं इस दुनिया को छोड़ कर नहीं जाउंगा.

सबसे उच्च नागरीक का सम्मान प्राप्त कर चुके हॉकिंग ने बिग बैंग को लेकर वो राज खोला था, जिसे पूरी दुनिया बरसों से जानना चाहती थी. उन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड में गुरुत्वाकर्षण जैसी शक्ति की वजह से कई रचनाएं हो सकती हैं. उनका विश्वास ईश्वर में नहीं था. उनका मानना था कि ब्रह्मांड की रचना अपने आप हुई है.