झारखंड: 80 ग्रामों की अजीबो गरीब दास्तान, नही बनवा पा रहे है आधार और राशन कार्ड लगभग 2000 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

झारखंड: 80 ग्रामों की अजीबो गरीब दास्तान, नही बनवा पा रहे है आधार और राशन कार्ड लगभग 2000 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित - Panchayat Times

पश्चिमी सिंहभूम/रांची. जिले के नक्सल प्रभावित बन्दगांव प्रखंड के 80 ग्रामों के लोगों का न तो आधार कार्ड बन पा रहा है और न राशन कार्ड. गावं के तकरीबन 2000 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.

राज्य बने 20 वर्ष हो गए किन्तु आज भी इस प्रखंड में कई मूल भूत सुविधाओं का अभाव है. इस प्रखंड में अधिकतर गैर राजस्व वाले ग्राम और वन ग्राम भी है, जिनके विकास और मूल भूत सुविधाओ के विषय मे सरकार कम ही सोच पाती है.

झारखंड: 80 ग्रामों की अजीबो गरीब दास्तान, नही बनवा पा रहे है आधार और राशन कार्ड लगभग 2000 बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित - Panchayat Times

मामला जिला प्रशासन और वन विभाग के बीच उलझ कर रह जाता है, और समस्याओं से रूबरु होना पड़ता है आम जन मानस को. वन गांव प्रखंड के 80 वन ग्रामों की बात करे तो इन गावों में निवास करने वाले लगभग 10 से 12 हजार लोगों को इन दिनों जीवन बसर करने के लिये बनाये जाने वाले सरकारी दस्तावेज के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है. नतीजा बच्चों के लिये न तो जाती प्रमाण पत्र बन पा रहा है, न आवास.

इस सम्बंध में यहां के स्थानीय ग्राम प्रमुख मुंडा कहते है, हम सरकार के साथ रहना चाहते है, हम सरकार को पूरा राजस्व स्थानीय भाषा मे मालगुजारी, लगान टैक्स सब देंगे. बस सरकार हमे वन ग्राम के दर्जे से मुक्त करवाते हुये राजस्व ग्राम की श्रेणी में ले आये.

इस सबंध में जिला उपायुक्त अरवा राजकमल का कहना है, मामला मेरे संज्ञान में आया है, हम जल्द से जल्द स्थानीय ग्रामीणों की इस बड़ी समस्या का निराकरण करेंगे. कुल मिलाकर देखा जाय तो बन्दगांव के मौजूदा 80 वन ग्रामो में स्थिति बहुत सामान्य नही है, आम जन मानस को एक साथ कई समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है.