नई दिल्ली. भारत अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में ‘Mission Sudarshan Chakra’ की घोषणा की थी, और अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने इस मिशन की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
सुदर्शन चक्र मिशन क्या है?
CDS जनरल चौहान ने कहा कि यह मिशन भारत के रणनीतिक, नागरिक और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए एक मल्टी-लेयर नेटवर्केड सिस्टम विकसित करेगा। मिशन में शामिल होंगे: सॉफ्ट किल्स: इलेक्ट्रॉनिक और साइबर उपाय जो हवाई खतरों को भ्रमित या निष्क्रिय करेंगे। हार्ड किल्स: मिसाइल, लेजर और अन्य हथियार जो शत्रु को भौतिक रूप से नष्ट करेंगे। इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम: जिसमें QRSAM, VSHORADS मिसाइल और 5 किलोवॉट लेजर शामिल हैं। यह सिस्टम भारत के लिए ‘शील्ड और तलवार’ दोनों का काम करेगा।
रन संवाद 2025 में CDS की बातें
जनरल चौहान ने Army War College, Mhow में आयोजित Ran Samwad 2025 में कहा कि भारत को मल्टी-डोमेन ISR, ग्राउंड, एयर, मैरिटाइम, अंडरसी और स्पेस सेंसर नेटवर्किंग पर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि कुल्लोसल इंटीग्रेशन और रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस के लिए AI, Big Data, LLM और क्वांटम टेक्नोलॉजीज का उपयोग आवश्यक होगा।
आईएडीडब्ल्यूएस (IADWS) की सफल फ्लाइट टेस्ट
DRDO ने हाल ही में Integrated Air Defence Weapon System (IADWS) का पहला फ्लाइट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। इसमें क्विक रिएक्शन मिसाइल्स, VSHORADS और लेजर सिस्टम्स एकीकृत हैं। भारत के विशाल भूगोल को देखते हुए इस मिशन में पूरा राष्ट्र सहयोग आवश्यक होगा।
Operation Sindoor और आधुनिक युद्ध अनुभव
जनरल चौहान ने Operation Sindoor का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने आधुनिक युद्ध से सीखने के अनुभव के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति की ओर खड़ा रहा है, लेकिन शांति बिना शक्ति के संभव नहीं। अगर आप शांति चाहते हैं तो युद्ध की तैयारी करें।
भविष्य के युद्ध: चार प्रमुख ट्रेंड्स
शॉर्ट-ड्यूरेशन कॉन्फ्लिक्ट्स: राजनीतिक उद्देश्यों के लिए छोटे संघर्ष बढ़ रहे हैं। युद्ध और शांति में अंतर की कमी: युद्ध अब निरंतर प्रक्रिया बन गया है—Competition, Crisis, Confrontation, Conflict, Combat।लोगों का महत्व: आज युद्ध में सैनिकों और लोगों की भौतिक हानि से अधिक तकनीकी और रणनीतिक प्रभाव महत्वपूर्ण हैं। विजय का नया मापदंड: पुराने युद्धों में जीत केवल सैनिकों और उपकरणों की हानि से मापी जाती थी। अब लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक, मल्टी-डोमेन सुपीरियरिटी और ऑपरेशन की गति निर्णायक है।
सुदर्शन चक्र और आत्मनिर्भर भारत
CDS ने कहा कि भारत को विकसित, शस्त्रसज्जित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। यह केवल तकनीक में ही नहीं बल्कि युद्ध विचारधारा, रणनीति और व्यवहार में भी होना चाहिए। महाभारत और गीता में ‘शस्त्र’ और ‘शास्त्र’ एक ही तलवार की दो धार की तरह हैं—रणनीति और योद्धा का संगम सफलता का मूल है। Mission Sudarshan Chakra भारत के लिए बहु-स्तरीय, नेटवर्केड एयर डिफेंस सिस्टम है जो देश को आधुनिक खतरों से सुरक्षा देगा। DRDO, निजी क्षेत्र और पूरे राष्ट्र की भागीदारी से इसे न्यूनतम लागत में साकार किया जाएगा।
