हिमाचली वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में की गजब की मुक्केबाजी, जीता देश के लिए…

वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मैडल Panchayat Times

सुंदरनगर (मंडी). सुंदरनगर के एक छोटे से गांव बोबर से सबंध रखने वाले वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मैडल जीता है. एक्सकार्डिरोव बॉक्सिंग प्रतियोगिता भारत की तरफ से खेलते हुए वीरेंद्र 91 किलोग्राम भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत कर देश का नाम विश्व में रोशन किया है.

वीरेंद्र के मेडल जीतने पर प्रदेश सहित सुंदरनगर के खेल प्रेमियो में खुशी की लहर दौड़ गई है. वीरेंद्र ने स्कूली स्तर से खेलना शुरू किया था. उनका तभी से सपना था कि देश के लिए खेल कर मैडल जीत कर अपने माता-पिता और गुरुओं का सम्मान बढ़ाऊं. और उन्होंने दूसरी बार ये सपना पूरा किया है.

वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मैडल Panchayat Times

 

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इससे पहले भी रशिया में हुए बॉक्सिंग प्रतियोगिता में देश को मेडल दिला चुके हैं. वीरेंद्र ने बताया की उनका सपना देश के लिए कई मेडल लाना है. उन्होंने कहा की माता-पिता और अच्छे कोच का सहयोग नहीं मिलता तो मेडल नहीं मिल पाता. उन्होंने कहा की जब हम अपने देश के लिए खेलते हैं तो सर गर्व से ऊंचा होता है. उन्होंने कहा की जब में आठ साल का था उस समय से बॉक्सिंग कर रहा हूं.

वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मैडल Panchayat Times

10 किलोमीटर का पैदल सफर

खेल मैदान पहुंचने के लिए बोबर से कोई बस या निजी गाड़ी नहीं होती थी और हर दिन आठ से 10 किलोमीटर का पैदल सफर कर अभ्यास करने के लिए आना होता था. वहीं, वीरेंद्र ने अपनी कामयाबी पर हिमाचल बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष राजेश भंडारी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र सांडिल और कोच नरेश कुमार सहित ऑल इंडिया बॉक्सिंग फेडरेशन सहित आर्मी के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है.

वीरेंद्र ठाकुर ने रशिया में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मैडल Panchayat Times

 

एक अच्छे खिलाड़ी के गुण झलकते थे…

कोच नरेश कुमार का कहना है की वीरेंद्र ने जब से खेलना शुरू किया कभी अपनी प्रेक्टिस से छुट्टी नहीं की और आज दूसरी बार देश के लिए मैडल प्राप्त किया है. उनका कहना है कि वीरेंद्र बहुत ही मेहनती लड़का है और शुरू से ही उसमें एक अच्छे खिलाड़ी के गुण झलकते थे. उन्होंने वीरेंद्र और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि पर बधाई दी है.