नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Supreme Court Collegium) ने देशभर के विभिन्न हाई कोर्ट्स से जुड़े 14 जजों (High Court Judges Transfer) के तबादले की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। यह फैसला 25 और 26 अगस्त को हुई बैठकों के बाद लिया गया। इस सूची में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मद्रास, राजस्थान, दिल्ली, इलाहाबाद, गुजरात, केरल, कलकत्ता, आंध्र प्रदेश और पटना हाई कोर्ट से संबंधित जज शामिल हैं।
किन जजों का हुआ ट्रांसफर?
Justice Atul Sreedharan: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
Justice Sanjay Agrawal: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट
Justice J. Nisha Banu: मद्रास हाई कोर्ट से केरल हाई कोर्ट
Justice Dinesh Mehta: राजस्थान हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट
Justice Avneesh Jhingan (Punjab & Haryana High Court मूल रूप से): राजस्थान से दिल्ली हाई कोर्ट
Justice Arun Monga (Punjab & Haryana High Court मूल रूप से): दिल्ली से राजस्थान हाई कोर्ट
Justice Sanjay Kumar Singh: इलाहाबाद हाई कोर्ट से पटना हाई कोर्ट
Justice Rohit Ranjan Agrawal: इलाहाबाद हाई कोर्ट से कलकत्ता हाई कोर्ट
Justice Manavendranath Roy: गुजरात हाई कोर्ट से आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट
Justice Donadi Ramesh: इलाहाबाद हाई कोर्ट से आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट
Justice Sandeep Natwarlal Bhatt: गुजरात हाई कोर्ट से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
Justice Chandrasekharan Sudha: केरल हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट
Justice Tara Vitasta Ganju: दिल्ली हाई कोर्ट से कर्नाटक हाई कोर्ट
Justice Shubhendu Samanta: कलकत्ता हाई कोर्ट से आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट
कॉलेजियम सिस्टम क्या है?
भारत में जजों की नियुक्ति और तबादले का फैसला Supreme Court Collegium करता है। इसमें CJI (Chief Justice of India) और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज शामिल होते हैं। Collegium System के जरिए ही हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति (Appointment of Judges) और ट्रांसफर तय होता है।
तबादले का कारण
न्यायपालिका में संतुलन (Judicial Balance) बनाए रखना
लोकल प्रेशर से जजों को बचाना
न्यायपालिका की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना
अलग-अलग हाई कोर्ट में न्यायिक कार्यक्षमता (Judicial Efficiency) बढ़ाना
पिछली बार कब हुए थे बड़े तबादले?
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम समय-समय पर जजों का ट्रांसफर करता रहता है। फरवरी 2023 और अगस्त 2024 में भी बड़ी संख्या में जजों का ट्रांसफर किया गया था।
सरकार की भूमिका
कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों को केंद्र सरकार के पास भेजा जाता है। केंद्र इन्हें स्वीकार करके Notification जारी करता है। कई बार सरकार सिफारिश को वापस भी भेज सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय कॉलेजियम का ही होता है।
क्यों है यह फैसला अहम?
जजों के तबादले से High Court functioning पर सीधा असर पड़ता है। जिन हाई कोर्ट्स में केस पेंडेंसी (Case Pendency) ज्यादा है, वहाँ जजों की तैनाती से बोझ कम होगा। कुछ जज जिन राज्यों में लंबे समय तक कार्यरत रहते हैं, वहाँ से हटाकर उन्हें दूसरी जगह भेजा जाता है, ताकि निष्पक्ष न्याय बना रहे। “Supreme Court Collegium ने 14 High Court Judges का transfer recommend किया है। जानें किस जज को किस हाई कोर्ट भेजा गया।”
