सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, कोरोना से मरने वालों के परिवारों को मिले मुआवजा, दिशा-निर्देश तैयार करे केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, कोरोना से मरने वालों के परिवारों को मिले मुआवजा, दिशा-निर्देश तैयार करे केंद्र सरकार - Panchayat Times
Supreme Court of India

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के कारण हुई मौतों पर मुआवजे को लेकर आज सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है. उच्चतम न्यायालय ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोरोना के कारण मरने वालों के परिवारों को अनुग्रह राशि या मुआवजा देने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करे.

छह सप्ताह के भीतर राज्य सरकारों को दे दिशा निर्देश

न्यायालय ने कहा कि केंद्र मुआवजा राशि तय कर छह हफ्तों के भीतर राज्य सरकारों को दिशा निर्देश दे. साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पाने की प्रक्रिया को भी सरल किया जाना चाहिए.

मुआवजा कितना होना चाहिए ये खुद सरकार को तय करना होगा

हालांकि, ये मुआवजा कितना होना चाहिए ये खुद सरकार को तय करना होगा. फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने यह भी माना कि कोरोना से मरने वालों के परिवारों को चार-चार लाख का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है.

कम से कम ही सही, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए

न्यायालय ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) से यह भी कहा कि वह एक ऐसा सिस्टम बनाए, जिससे कम से कम ही सही, लेकिन पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोरोना से जुड़े मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करे, जो प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो गए हैं, उनमें सुधार किया जाए.

पहले कोर्ट में बोल चुका है केंद्र नही दिया जा सकता चार-चार लाख रुपये का मुआवजा

इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट हलफनामा दाखिल कर कहा था कि कोरोना के पीड़ितों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है क्योंकि आपदा प्रबंधन कानून में केवल भूकंप, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं पर ही मुआवजे का प्रावधान है.

केंद्र सरकार ने आगे कहा था कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजे की राशि दी जाए और दूसरी पर नहीं तो यह पूरी तरह से गलत होगा.

सरकार बोली सरकारी संसाधनों की एक सीमा होती है

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा कि सरकारी संसाधनों की एक सीमा होती है. केंद्र ने यह भी कहा है कि अगर इस तरह से मुआवजा दिया गया तो वर्ष 2021-22 के लिए राज्य आपदा राहत कोष (State Disaster Relief Fund) के लिए आवंटित राशि 22,184 करोड़ रुपये इस मद में ही खर्च हो जाएंगे और इससे महामारी के खिलाफ लड़ाई प्रभावित होगी.

आखिर क्या है पूरा मामला?

दरअसल वकील गौरव बंसल और रीपक कंसल द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं में कोविड-19 महामारी से मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत  चार लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है.