सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा के अधिकार (Right to Education Act) के तहत देशभर के अनाथ बच्चों को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अनाथ बच्चों को निजी स्कूलों (Private Schools) में मुफ्त शिक्षा (Free Education) देने के लिए आरटीई के तहत अधिसूचना (Notification) जारी करें।
चार हफ्तों में अधिसूचना जरूरी
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अगले चार सप्ताह के भीतर यह अधिसूचना जारी करें और फिर इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दें। कोर्ट ने कहा कि यह कदम “Economically Weaker Sections (EWS)” और “Disadvantaged Groups” के तहत आरटीई एक्ट की धारा 12(1)(c) के अंतर्गत आता है।
इन राज्यों ने पहले ही उठाया कदम
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि दिल्ली, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य पहले ही इस दिशा में अधिसूचना जारी कर चुके हैं। अब बाकी राज्यों को भी इसी तरह का कदम उठाने का आदेश दिया गया है।
क्या कहती है धारा 12(1)(C)?
RTE Act की यह धारा यह सुनिश्चित करती है कि निजी स्कूलों को अपनी 25% सीटें समाज के कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी। अब इसमें “अनाथ बच्चे” (Orphan Children) भी शामिल होंगे।
