फेसबुक पर लाइव दिखेगा सूरजकुंड मेला

एक फरवरी से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प सूरजकुंड मेले की तैयारियों का जोर
प्रतीक चित्र

फरीदाबाद. एक फरवरी से शुरू हो रहा है 33वां सूरजकुंड अन्तरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला. इस बार सूरजकुंड मेला फेसबुक पर घर बैठे लाइव देख सकेंगे. मेला प्राधिकरण इसकी तैयारियों में जुट गया है. सोशल साइट और यू-ट्यूब पर एक-एक घंटे का लाइव होगा, जबकि इंस्टग्राम पर तीस सेकेंड के कैप्सूल डाले जाएंगे. मेले में कला-संस्कृति और खरीदारी के साथ आधुनिकतम तकनीक की झलक भी देखने को मिलेगी. मेला परिसर में लगभग 10 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी. आप मेला कहीं से भी देख सकते हैं. मेला परिसर वाईफाई से युक्त होगा और दर्शकों को सुविधा नि:शुल्क मिलेगी.

सूरजकुंड मेले की तैयारियों का जोर शुरू हो गया है. मेले को सजाने और संवारने में जहां कारीगर लग गए हैं, वहीं मेले में साफ-सफाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है. हरियाणा नहीं बल्कि भारत सहित देश-विदेश में विख्यात इस मेले को देखने के लिए हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां आते हैं और देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक धरोहरों एवं वेशभूषा के मुरीद हो जाते हैं.

महाराष्ट्र और थाईलैंड

मेला परिसर मराठी संस्कृति से सराबोर होगा. मेले का कन्ट्री पार्टनर देश थाईलैंड होगा, जिसके चलते भारतीय संस्कृति और विदेशी संस्कृति का संगम मेला परिसर में दिखाई देगा. थीम स्टेट पार्टनर महाराष्ट्र है. महाराष्ट्र और थाईलैंड दूसरी बार मेले में भागीदार हुए हैं. महाराष्ट्र 2006 और थाईलैंड 2012 में भागीदार रह चुके हैं. अब तक देश के बीस राज्य थीम स्टेट बन चुके हैं. इस बार पर्यटकों को मेले के थीम राज्य महाराष्ट्र की संस्कृति से रुबरु होने का मौका मिलेगा.

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मेला परिसर में मराठा साम्राज्य की खास पहचान सुप्रसिद्ध रायगढ़ के किले का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इस किले में मराठा साम्राज्य के लोकप्रिय वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भी लगाई जाएगी. मेला अधिकारी राजेश जून ने बताया कि किले के भाव को दर्शाने के लिए मुख्य चौपाल के सामने स्थित हवेली के पीछे पहाड़ी पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है. किले में छात्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अलावा उनके जीवन के बारे में भी काफी जानकारी मिल सकेगी.

एक फरवरी से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प सूरजकुंड मेले की तैयारियों का जोर

पर्यटकों को किले तक जाने के लिए हवेली पास से ही सीढ़ियां बनाई जाएंगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि इस बार सूरजकुंड मेले में आने वाले पर्यटकों को स्टॉल भी नए रंगों में दिखाई देंगे. इसके लिए स्टॉलों को आकर्षक बनाने के लिए स्टॉल के खंभों को विभिन्न रंगों में रंगा जाने का कार्य जोरों पर हैं. स्टॉल पर लगी शेड को पीले और लाल रंग में रंगा जा रहा है. सूरजकुंड के नाम को सार्थक करने के लिए सन ट्री लगाया जाएगा, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा. विष्णु द्वार और पर्यटन विभाग को दी जाने वाली जगह पर दर्शकों के बैठने का इंतजाम किया जाएगा. इसके अलावा बच्चों के खेलने के लिए स्थान का इंतजाम किया जाएगा.

खरीदारी के साथ आधुनिक तकनीक

मेला प्राधिकरण ने दूर संचार कम्पनियों को निविदाओं के लिए आंमत्रित किया है. मेला प्राधिकरण इसके लिए एक नियंत्रण कक्ष बनाएगा और मीडिया केन्द्र में सोशल मीडिया का काम भी होगा. लाइव कैमरों के माध्यम से मेले के किस जोन में क्या है? पर्यटक अपने मोबाइल फोन पर देख सकेंगे. इससे पर्यटकों को पूरा मेला घूमने से छुटकारा मिलेगा.

मेले में पहली बार कला-संस्कृति, खरीदारी के साथ आधुनिकतम तकनीक की भी झलक मिलेगी. मेल परिसर में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, इन्हें मेले के सभी पांचों प्रवेश द्वारों के निकट अंदर की ओर तथा फूड कोर्ट समेत पांच जोन में लगाया जाएगा. जिन स्थानों पर भीड़ अधिक रहती है स्क्रीन लगने से लोग मेले में खरीदारी करते समय भी चौपालों पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनन्द ले सकेंगे. मेला प्राधिकरण के अधिकारी मेला परिसर में भीड़ को अलग-अलग करने की कवायद में भी लगे हैं.

350 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पियों को आमंत्रण

सूरजकुंड मेला अधिकारी राजेश जून का कहना है कि पहली बार मेला फेसबुक समेत अन्य सोशल साइटों पर लाइव देखने को मिलेगा. लोग घर बैठे मेला देख सकेंगे. मेले में इस बार तकनीक का भी भरपूर उपयोग होगा. मेले में मेला प्राधिकरण देश भर के करीब 350 राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित हस्तशिल्पियों को आमंत्रित किया है. शिल्पकारों को यहां अपनी कला के प्रदर्शन के साथ मार्केटिंग का मौका भी मिलेगा.