ड्राईवर ने की थी मालकिन की निर्मम हत्या, फांसी की सजा मुकर्र

कोटा. जिला कोटा के आरकेपुरम थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 के बीएसएनएल कर्मचारी स्वाति गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी ड्राइवर को कोर्ट ने गुरुवार को फांसी की सजा और 30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया.

जानकारी के अनुसार, आरकेपुरम थाना क्षेत्र की पॉश कॉलोनी सेक्टर-ई में रहने वाली बीएसएनएल कर्मचारी स्वाति गुप्ता की उसी के ड्राइवर लालचंद ने चाकू से गोद कर हत्या कर दी थी. लालचंद ने स्वाति गुप्ता पर चाकू से 15 वार किए जिसके बाद स्वाति गुप्ता की कोटा के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी. स्वाति के पति विनय गुप्ता के सड़क हादसे में दोनो पांव खराब होने के कारण 10 साल से लालचंद उनके यहां ड्राइवर का काम करता था और उन्हीं के मकान में रहता था.

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उसकी शराब की लत और कामचोरी से परेशान होकर स्वाति ने लालचंद को नौकरी से निकाल दिया था. इसी बात की रंजिश के चलते लालचंद ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया. यहां घटना स्वाति गुप्ता के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई और घटना के बाद मौके पर खून ही खून होने से आरोपी के पैर के निशान घटना स्थल से कुछ दूर तक पाए गए जहां आरोपी की बाइक खड़ी थी.

स्वाति गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी ड्राइवर को कोर्ट ने गुरुवार को फांसी की सजा

घटना के बाद शहर में सनसनी फैल गई जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना स्थल पर लगे कैमरे खंगाले ओर आरोपी लालचंद को गिरफ्तार किया. मृतक स्वाति गुप्ता के पति विनय गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ आरकेपुरम थाने में मामला दर्ज कराया.

एडीजे कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक नितेन्द्र शर्मा ने बताया कि अगस्त 2015 में आरकेपुरम पुलिस ने कोली मोहल्ला मनोहरथाना निवासी लालचन्द को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था. तीस गवाहों के बयान के बाद एडीजे कोर्ट चार ने आरोपी लालचन्द को फांसी की सजा और 30 हजार के जुर्माने से दंडित किया.