शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर से सालो पुराना स्टीम इंजन दौड़ा

शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर से सालो पुराना स्टीम इंजन दौड़ा-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

शिमला. विश्व धरोहर शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक बार फिर 114 साल पुराना स्टीम इंजन दौड़ा. शुक्रवार को इस स्टीम इंजन में लगे तीन कोचों में यूके के 29 पयर्टकों ने सफर किया और शिमला की हसीन वादियों का नाजारा का लुत्फ उठाया.

स्टीम इंजन रेलवे स्टेशन शिमला से कैथलीघाट तक चलाया गया. इस सुहाने सफर की शुरुआत सुबह 11ः35 से शिमला रेलवे स्टेशन से हुई. इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने स्टीम इंजन के धुंऐ की गुबारों और छुक-छुक की आवाज के बीच शिमला की वादियों का नाजारा लिया.


बिट्रिश काल के 100 साल पुराने शिमला कालका रेलवे लाइन पर सफर करते हुए पर्यटक बहुत खुश दिखाई दिए. इस दौरान उन्होंने अपने विचार भी साझा किए. युके के पर्यटकों ने बताया कि वह भाप इंजन का सफर करने के लिए विशेष तौर से शिमला आए हैं. उनकी कई साल से यह इच्छा थी कि शिमला में बिट्रिश काल में चलने वाले भाप इंजन पर सफर करें. उन्होंने कहा कि वह यह देखना चाहते थे कि यह भाप इंजन उस समय भी कैसे चलता था. स्टीम इंजन का सफर कर वह बहुत खुश हैं.

उन्होंने बताया कि इससे पहले वह कालका से शिमला भी डीजल वाली ट्रेन में सफर कर शिमला आए थे. स्टीम इंजन के चलाए जाने पर शिमला रेलवे स्टेशन अधीक्षक प्रींस सेठी ने बताया कि यूकेके 29 पर्यटकों का एक दल शिमला आया हुआ है.उन्होंने स्टीम इंजन में सफर करने की इच्छा जाहिर की थी. जिस पर स्टीम इंजन कैथलीघाट तक चलाया गया है. पर्यटकों ने इसे 1 लाख 24 हजार रुपये फीस अदाकर बुक करवाया है. स्टीम इंजन तीन कोच लगाए थे. जिनमें सभी सुविधाएं दी गई थी.