नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली। यह समझौता भारत और EU दोनों के इतिहास का सबसे बड़ा ट्रेड डील माना जा रहा है। ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में है और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं, यह डील खुले और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार में भरोसे का मजबूत संकेत देती है। इंडिया-EU बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत-EU संबंधों के लिए टर्निंग पॉइंट बताया।
PM मोदी का बयान
प्रधानमंत्री ने कहा किअब समय आ गया है कि इस साझेदारी को पूरे समाज की साझेदारी (Whole-of-Society Partnership) में बदला जाए। इसी सोच के साथ आज हमने एक व्यापक FTA को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने बताया कि EU में भारतीय निवेश करीब 40 अरब यूरो तक पहुंच चुका है और भारतीय व यूरोपीय कंपनियों के बीच R&D, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
किसानों, मजदूरों और सेवाओं को बड़ा फायदा
PM मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के लेबर-इंटेंसिव सेक्टर के लिए यूरोपीय बाजार के दरवाज़े खोलेगा। टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट्स और इंजीनियरिंग गुड्स को आसान पहुंच मिलेगी। फल, सब्ज़ियां, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पादों को नए अवसर मिलेंगे
उन्होंने कहा कि हमारे किसान और मछुआरे इससे सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सेवा क्षेत्र को लेकर उन्होंने IT, शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और बिजनेस सर्विसेज़ को बड़ा लाभ मिलने की बात कही।
वैश्विक बिजनेस के लिए सकारात्मक संकेत
दुनियाभर की कंपनियां जब अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार कर रही हैं, ऐसे समय में यह FTA व्यापार जगत के लिए सकारात्मक और स्पष्ट संदेश देता है। PM मोदी ने कहा कि ऐसे समय में यह FTA बिजनेस वर्ल्ड के लिए एक मजबूत और सकारात्मक संकेत है।
भारत-EU रिश्तों में नया युग
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के राष्ट्रपतियों की भारत यात्रा साधारण राजनयिक दौरा नहीं, बल्कि भारत-EU संबंधों में नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि EU के नेता पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं।
आंकड़ों में भारत-EU साझेदारी
पिछले 10 वर्षों में भारत-EU व्यापार दोगुना होकर 180 अरब यूरो पहुंचा
भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां सक्रिय
EU का भारत में निवेश 120 अरब यूरो से ज्यादा
1,500 भारतीय कंपनियां यूरोपीय संघ में मौजूद
लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित साझेदारी
PM मोदी ने कहा कि यह बढ़ता तालमेल साझा मूल्यों, समान प्राथमिकताओं और मजबूत लोगों-से-लोगों के संबंधों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि मार्केट इकॉनमी और ओपन सोसाइटी होने के नाते हमारे लोगों के बीच स्वाभाविक जुड़ाव है।
भारत-EU FTA न सिर्फ व्यापारिक समझौता है, बल्कि यह दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच गहरी रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है और भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और मजबूत करता है।
