झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की हंगामेदार हुई शुरुआत

झारखंड में भी एनपीआर और एनआरसी को लागू न करने को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पारित -Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुक्रवार को हंगामेदार शुरुआत हुई. सत्र के पहले दिन चालू वित्तीय वर्ष का तृतीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया गया. सदन की कार्यवाही शुक्रवार को 11 बजे जैसे ही शुरू हुई और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने अपना प्रारंभिक वक्तव्य रखना शुरू किया, भाजपा के विरंची नारायण ने नेता प्रतिपक्ष के सीट पर बाबूलाल मरांडी को बैठाने की मांग की. भाजपा सदस्य अपनी बातों को लेकर आसन के निकट आ गये.

समय आने पर सबके साथ न्याय होगा

विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे शांति बनाये रखने की अपील की और कहा कि समय आने पर सबके साथ न्याय होगा.वहीं कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के भी कई विधायक वेल में आ गये. बाद में विधानसभा अध्यक्ष के समझाने के बाद वेल में आकर धरना पर बैठे, विपक्षी विधायक अपनी सीट पर जाकर बैठे. इस बीच मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भी कुछ बात रखने की कोशिश की, लेकिन शोरगुल में नहीं सुना जा सका. विधानसभा अध्यक्ष ने बजट सत्र के लिए पीठासीन सभापतियों का मनोनयन किया, पीठासीन सभापति के लिए झामुमो के स्टीफन मरांडी, सफराज अहमद, सीता सोरेन और भाजपा के अनंत ओझा के नाम का मनोनयन किया.

वहीं कार्यमंत्रणा समिति के सभापति स्वयं स्पीकर होंगे, जबकि मुख्यमंत्री, संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, भाजपा के सीपी सिंह और आजसू पार्टी के सुदेश महतो तथा निर्दलीय सरयू राय और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मंत्री चंपई सोरेन,रामेश्वर उरांव, झामुमो के स्टीफन मरांडी, लोबिन हेम्ब्रम, नलीन सोरेन, भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा, अपर्णा सेनगुप्ता, कांग्रेस की पूर्णिमा नीरज सिंह, माले के विनोद कुमार सिंह और झाविमो के प्रदीप यादव का मनोनयन किया गया.

विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने वित्तीय वर्ष के 2019-20 के लिए 1216 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट सभा पटल पर रखा. संसदीय कार्यमंत्री ने पिछले सत्र में सरकार की ओर से सदन में दिये गये आश्वासनों पर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन भी सभा पटल पर रखा. सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले सत्र से अब तक की अवधि में निधन होने वाले राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं और विभिन्न क्षेत्र के दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई उनमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अब्दुल गफूर, राम लखन महतो , पद्मश्री गिरिराज किशोर ,पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा और बांग्ला फिल्म अभिनेता तापस पाल शामिल है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, भाजपा के सीपी सिंह, झारखंड विकास मोर्चा के प्रदीप यादव , आजसू पार्टी के सुदेश महतो, कांग्रेस विधायक दल के नेता और संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, राजद विधायक सह मंत्री सत्यानंद भोक्ता, भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह, निर्दलीय सरयू राय, अमित कुमार महतो ने भी इन्हें श्रद्धांजलि दी. बाद में कुछ पलों का मौन रखने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को सोमवार दो मार्च को11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी है.