नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र आज समाप्त हो जाएगा। सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए पेश किए जाने की संभावना है।बजट सत्र के समापन के साथ ही संसद में इस बार कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्य पूरे किए गए।
28 जनवरी से शुरू हुआ था बजट सत्र
पहला चरण 13 फरवरी तक चला, दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू हुआ था। संसद के बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू हुआ था, जो 13 फरवरी तक चला। इसके बाद सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू हुआ था। इस दौरान संसद में सरकार ने कई अहम मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा कराई, साथ ही वित्तीय कार्यवाही भी पूरी की गई।
पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर हुई चर्चा
सांसदों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट 2026-27 पर रखे अपने विचार बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके अलावा केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी दोनों सदनों में विस्तार से बहस हुई। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम राष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।
दूसरे चरण में संसद ने फाइनेंस बिल और एप्रोप्रिएशन बिल को दी मंजूरी
सरकार को वित्तीय प्रस्तावों पर मिली संसद की स्वीकृति सत्र के दूसरे चरण में संसद ने फाइनेंस बिल 2026 और एप्रोप्रिएशन (संख्या-2) बिल 2026 को मंजूरी दी। इन विधेयकों के पारित होने के साथ ही सरकार को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने प्रस्तावों और खर्चों को लागू करने का रास्ता साफ हो गया।
पश्चिम एशिया के हालात पर PM मोदी ने दोनों सदनों को किया संबोधित
सरकार ने संसद में रखा पश्चिम एशिया संघर्ष पर अपना पक्ष बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों को संबोधित किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर सरकार का पक्ष संसद के सामने रखा। इस मुद्दे पर सरकार ने देश की तैयारियों और ऊर्जा आपूर्ति जैसे अहम पहलुओं पर भी जानकारी साझा की।
आखिरी दिन भी महत्वपूर्ण विधायी कार्यवाही की संभावना
राज्यसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक पर रहेगी नजर बजट सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा की कार्यवाही पर खास नजर रहेगी। माना जा रहा है कि सदन में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा हो सकती है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह सत्र के समापन से पहले एक और महत्वपूर्ण विधायी उपलब्धि मानी जाएगी।
बजट सत्र का समापन, अब अगली संसदीय कार्यवाही पर नजर
वित्तीय और राजनीतिक दृष्टि से अहम रहा इस बार का संसद सत्र। संसद का यह बजट सत्र वित्तीय, राजनीतिक और रणनीतिक तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। बजट, वित्तीय विधेयकों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के कारण यह सत्र खास माना जा रहा है। अब सत्र समाप्त होने के बाद राजनीतिक दलों और संसद की अगली कार्यवाही पर नजरें टिकी रहेंगी।
