बोत्सवाना के पूर्व राष्ट्रपति की मैक्लोडगंज की यात्रा पर इस कारण लगी रोक

बोत्सवाना के पूर्व राष्ट्रपति की मैक्लोडगंज की यात्रा पर इस कारण लगी रोक
साभार इंटरनेट : पूर्व राष्ट्रपति इयान खामा

धर्मशाला. चीन नाराज न हो जाए इसके लिए अफ्रीकी महाद्वीप के बोत्सवाना देश की सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति इयान खामा की मैक्लोडगंज की प्रस्तावित यात्रा पर रोक लगा दी है. इयान खामा को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने 10 मार्च को तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 60वीं वर्षगांठ पर आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया था. बोत्सवाना की सरकार ने इयान खामा की प्रस्तावित यात्रा को रद्द करने संबंधी पत्र उनके कार्यालय को भेज दिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक वहां की सरकार ने चिंता व्यक्त की है कि महत्वपूर्ण तिब्बती आयोजन में खामा की भागीदारी से चीनी प्रशासन नाराज हो सकता है. खामा के कार्यालय ने अपने देश के राष्ट्रपति कार्यालय को पत्र लिखकर वित्तीय सहायता के लिए यात्रा की सूचना दी थी.

उन्होंने कहा है कि वह इसके लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे. उनका कहना है कि मैं हर वर्ष चार अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का हकदार हूं और वे इस बात पर नहीं हैं कि मैं कहां जा रहा हूं, यह अस्वीकार्य है. इयान खामा ने इससे पहले वर्ष 2017 में एक सम्मेलन में दलाई लामा को अपने देश में आमंत्रित करके चीन सरकार के विरोध का सामना किया था, जिसे दलाई लामा ने बाद में स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया था.

सनद रहे तिब्बती हर वर्ष 10 मार्च को दलाईलामा की नगरी मैक्लोडगंज  सहित पूरे विश्व भर में निर्वासित तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस के रूप में मनाते हैं. आज से 60 वर्ष पूर्व 1959 की 10 मार्च को ही तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा को अपने मूल देश तिब्बत को छोड़कर निर्वासन में आना पड़ा था. जिसके बाद से हर साल इस दिन राष्ट्रीय विद्रोह दिवस के रूप में मनाते हैं.