द ग्रेट खली: ऐसा दिव्यांग जिसने अपनी बीमारी को अपनी जीत का हथियार बना डाला

द ग्रेट खली: ऐसा दिव्यांग जिसने अपनी बीमारी को अपनी जीत का हथियार बना डाला

नई दिल्ली. दिलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली को आज कौन नहीं जानता. हिमाचल के एक गरीब परिवार से उठकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और हॉलीवुड की चमकती दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले खली के फैंस के लिए आज बहुत ही खास दिन हैं. आज खली का जन्मदिन है. खली आज देश-विदेश के उन लाखों दिव्यांगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं, जो दिव्यांग होने के बाद भी कुछ कर गुजरने का सपना पाले हैं.

बहुत कम लोगों को पता है कि खली न सामान्य शरीर के मालिक हैं और न पूरी तरह स्वस्थ्य हैं. खली बचपन से ही एक्रोमेगली नाम की बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके कारण उनका शरीर भीमकाय और उनका चेहरा अजीब सा दिखता है. लेकिन खली ने अपनी बीमारी को अपने रास्ते का रोड़ा नहीं बनने दिया और दृढ़ इच्छाशक्ति की वजह से जिंदगी में कामयाबी हासिल की. खली दिव्यांग श्रेणी में आते हैं और यही कारण है कि वर्ष 2009 के पैरा ओलंपिक में उन्हें ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया था.

हिमाचल के सिरमौर जिले के घिरईना गांव के रहने वाले हैं खली:

हाल ही में ‘The Man Who Became Khali’ नाम की ऑटोबायोग्राफी खली ने लेखक विनीत के. बंसल के साथ मिलकर लिखी है. इस किताब को पैंगुइन पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है. जिसमें द ग्रेट खली की जिंदगी से जुड़े कई राज़ खोले गए हैं. किताब में उनके भारी भरकम शरीर और बाद में जाकर WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीतने के बारे में भी जिक्र है.

द ग्रेट खली के नाम से जाने जाने वाले दलीप सिंह राणा का जन्म हिमाचल के सिरमौर जिले के घिरईना गांव में 27 अगस्त 1972 को हुआ था. खली के पिता का नाम ज्वाला राम और माता का नाम तंदी देवी है. 7 फुट एक इंच और 157 किलो वजन वाले खली का बचपन बहुत ही संघर्षमय रहा है. कुल सात भाई-बहनों वाले परिवार में खली अपनी शरीरिक की बनावट के कारण बचपन से ही अलग दिखते थे.

खली के पिता एक गरीब किसान थे. जाहिर है किसान होने के नाते आमदनी केवल इतनी ही होती है कि वो बस अपने परिवार को पाल सकें. इसलिए खली को आठ साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर अपने दूसरे भाइयों के साथ मजदूरी का काम करना पड़ा. आज खली भले ही इंटरनेशनल स्तर पर ख्याति प्राप्त डब्ल्यूडब्ल्यूई स्टार हैं, लेकिन कभी ऐसा दिन थी था जब सड़क बनाने के लिए रोड के किनारे वह मजदूर बनकर पत्थर तोड़ा करते थे.

एसएस भुल्लर एक ऐसा पुलिस अधिकारी ने जिसने बदल दी खली की जिंदगी:

द ग्रेट खली बड़े होने के बाद हिमाचल की राजधानी शिमला में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे, उसी समय शिमला घूमने आए पंजाब पुलिस के अधिकारी एसएस भुल्लर की नजर खली पर पड़ी. उन्होंने खली के कदकाठी को देखते हुए पंजाब पुलिस में नौकरी करने का ऑफर दिया. उसके बाद खली पंजाब पहुंचे. जहां पर उनका पूरा खर्चा भुल्लर ने उठाया. जाब पुलिस में नौकरी के दौरान ही खली दोस्ती अमित स्वामी से हुई. अमित ने ही दिल्ली एयरपोर्ट पर पहलवान डोरियन येट्स से खली की मुलाकात कराई. येट्स ने जब खली का शरीर देखा. तो वह काफी प्रभावित हुए और उन्होंने खली को सुझाव दिया कि वह रेसलिंग में अपना किस्मत आजमाएं. इस सलाह के बाद खली रेसलिंग में अपनी किस्मत आजमाने लगे और बहुत ही जल्दी खली जापान चले गए और उसके बाद तो उनकी किस्मत ही बदल गई.

2008 में खली पूरी दुनिया में मशहूर हो गए:

शाकाहार के प्रबल समर्थक खली तंबाकू और शराब से भी दूर रहते हैं. 2006 में वर्ल्ड रेसलिंग से जुड़े ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा ने साल 2006 में रेसलिंग की दुनिया डब्ल्यूडब्ल्यूई में कदम रखा था. 2 जनवरी 2006 को डब्ल्यूडब्ल्यूई में प्रवेश करने के बाद खली की पहली फाइट 7 अप्रैल 2006 को टीवी पर प्रसारित की गई थी. 7 फुट 3 इंच लंबे खली ने शुरुआती दौर में एक के बाद एक फाइट में अंडर टेकर सरीखे पहलवानों को पटखनी दी. 2008 में खली पूरी दुनिया में मशहूर हो गए. इंटरनेशनल लेवल पर नाम कमाने के बाद 2008 में ही खली पहली बार स्वदेश लौटे. उस दौरान खली ने भारत में भी काफी सुर्खियां बटोरी.

ग्रेट खली ने 7 अक्टूबर, 2000 में WWE (वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट) में डेब्यू किया. इस दौरान वे न्यू जापान प्रो रेसलिंग चैम्पियनशिप का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने. अंडरटेकर के करियर का सबसे खतरनाक मैच 2006 में अंडरटेकर के साथ रहा. इस फाइट के लिए ग्रेट खली ने अंडरटेकर को चैलेंज कर पीटा था. 2007-08 में खली ने वर्ल्ड हैविवेट चैम्पियनशिप का खिताब जीता. इस दौरान उन्होंने शॉन माइकल सहित कई पहलवानों को हराया.

भारत के अलावा अमेरिका के अटलांटा शहर में अपना समय गुजारने वाले ‘खली’ डब्ल्यूडब्ल्यूई स्टार होने के अलावा हॉलीवुड अभिनेता भी हैं. वर्ष 2005 की हॉलीवुड फिल्म ‘द लॉन्गेस्ट यार्ड’, ‘गेट स्मार्ट’ , ‘मैकग्रबर’ जैसी फिल्मों में खली अभिनय कर चुके हैं. इसके साथ ही खली बॉलीवुड फिल्म ‘कुश्ती’ और ‘रामा द सेवियर’ में भी अपनी चमक बिखेर चुके हैं.

2002 में हरमिंदर कौर के साथ खली की हुई शादी:

ग्रेट खली की पत्नी का नाम हरमिंदर कौर है, जो पंजाब के जालंधर की रहने वाली हैं. इनकी 2002 में ग्रेट खली से शादी हुई थी. ग्रेट खली एक बेटी है जिसका नाम अवलीन राणा है. हरमिंदर कौर और ग्रेट खली के बीच में अरेंज मैरिज हुई है. खली की पत्नी का दूर दूर तक कुश्ती से किसी तरह का कोई नाता नहीं है. लेकिन वह अपने पति के साथ कदम कदम पर साथ देती हैं और उनके साथ सदैव डटकर खड़ी रहती है.

3 किलो चिकन और पांच किलो दूध है खली की डाइट:

द ग्रेट खली के खाने-पीने की मात्रा काफी ज्यादा है. खली की लंबाई 7 फुट, 1 इंच है और वजन करीब 150 किलो है. जाहिर सी बात है कि इतने बड़े शरीर के लिए काफी मात्रा में खुराक की जरुरत पड़ती होगी. पूर्व WWE वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में बताया है कि वो हर रोज़ करीब आधा किलो ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू, किशमिश, छुआरे), 3 किलो चिकन, 30 के करीब रोटियां और 5 किलो दूध पीते हैं. दरअसल इन सबको खाने-पीने के पीछे मकसद होता है कि शरीर को सारे पोषक तत्वों की कमी पूरी हो जाती है, जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, कैल्शियम और बाकी मिनरल्स महत्वपूर्ण हैं.

क्या है एक्रोमेगली बीमारी, जिससे पीड़ित हैं खली:

एक्रोमेगली (महाकायता) एक हार्मोन से संबंधित विसंगति (हार्मोनल डिसॉर्डर) है. यह एक ऐसा रोग है, जिसके मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं और यह बीमारी बहुत धीरे-धीरे पनपती है. इस रोग में व्यक्ति के शरीर के विभिन्न हिस्सों की असामान्य बढ़ोत्तरी हो जाती है.

यह रोग शरीर में तब पनपता है, जब पिट्यूटरी ग्रंथि में, बृद्धि कारक हॉर्मोन (ग्रोथ हार्मोन) ज्यादा मात्रा में उत्पन्न होने लगता है. इससे शरीर में हड्डियों का आकार असामान्य रूप से बढ़ने लगता है. हाथों, पैरों, सिर तथा चेहरे आदि की हड्डिया बहुत बढ़ जाती हैं. इसमें जबड़ों की हड्डियां और आगे के सिर की हड्डी की बढ़ोत्तरी बहुत ज्यादा हो जाती है, इसे एक्रोमेगाली या महाकायकता रोग कहा जाता है. एक्रोमेगाली की स्थिति में शरीर के मुलायम उत्तक मोटे हो सकते हैं और हृदय, होठ, और जीभ की कोशिकाएं मोटी भी हो सकती हैं.