प्रधानमंत्री आवास योजना में ऐसे आवेदन कर पाए अपना आशियाना

नई दिल्ली. सरकार ने गरीबों के हित में बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं. सरकार का हमेशा यह प्रयास रहता है कि गरीबों को हर एक सुख सुविधाएं मिले जिनके वो हकदार हैं. इसी कड़ी में आज हम बात करेंगे इंदिरा आवास योजना के बारे में. आपको बता दें कि साल 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इंदिरा आवास योजना को नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना रख दिया गया था. इस योजना के माध्यम से गरीबों को रहने के लिए पक्का मकान मिला.

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक पहल है. जिसमें शहरी गरीबों को 31 मार्च 2022 तक 20 लाख घर बनाने के लक्ष्य के साथ किफायती आवास उपलब्ध कराया जाएगा. इसके दो भाग में बाटा गया है. पहला भाग है शहरी और दूसरा ग्रामीण का, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) (PMAY-U) और ग्रामीण के गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) है.

प्रधानमंत्री आवास याजना ऐसे करें आवेदन

प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदक की उम्र 21 साल से 55 साल तक हो सकती है. पीएमएवाई के तहत होम लोन लेने के लिए आवेदकों की सालाना घरेलू आमदनी देखी जाती है. इन्‍हीं घरों की कैटेगरी के हिसाब से बांटा गया है. जैसे इडब्लूसी (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)की कैटेगरी के मकान के लिए अध‍िकतम सालाना घरेलू आमदनी 3 लाख रुपए तय है. इसी तरह एलआईजी (निम्न आय वर्ग) कैटेगरी के लिए अध‍िकतम सालाना आमदनी 6 लाख तय है.

इसी तरह एमआईजी-1 और एमआईजी-2 कैटेगरी घरों के लिए अध‍िकतम सालाना आमदनी 12 और 18 लाख तय की गई है.

पीएमएवाई के तहत कितनी मिलेगी सब्‍सिडी?

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी देती है. यानी आपके होम लोन के ब्‍याज पर सरकार सब्‍स‍िडी देती है. ई़डब्लूएस और एलआईजी कैटेगरी के आवेदकों को सरकार 6.5 फीसदी की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी देगी. वहीं, एमआईजी-1 कैटेगरी के आवेदकों को 4 फीसदी और एमआईजी-1 कैटेगरी के आवेदकों को 3 फीसदी सब्‍सिडी देने का प्रावधान है. कैसे मिलेगा सब्सिडी का लाभ? पीएमएवाई के तहत सब्‍सिडी का लाभ लेने के लिए आपको होम लोन लेने वाली संस्‍थान से इस बारे में बात करनी होगी.

झारखंड के लोगों को मिला अपना आसरा

आपको बता दें कि झारखंड में वित्तीय वर्ष 1 फरवरी 2019 के बजट सत्र के दौरान, वित्त मंत्री ने इस फ्लैगशिप स्कीम के अंतर्गत अब तक 1.53 करोड़ घरों के निर्माण की पुष्टि की है. यानि कई गरीब परिवारों को पक्के मकान में रहने की सौगात मिलेगी.

प्रधानमंत्री आवास योजना का इतिहास

भारत में सार्वजनिक आवास कार्यक्रम स्वतंत्रता के तुरंत बाद शरणार्थियों के पुनर्वास के साथ शुरू हुआ था. साल 1960 तक, लगभग 5 लाख परिवारों को उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में घर उपलब्ध कराए गए थे. 1957 में प्रधानमंत्री नेहरू की दूसरी पंचवर्षीय योजना के दायरे में ग्राम आवास कार्यक्रम (VHP) को प्रतिरु 5000 रू/-तक व्यक्तियों और सहकारी समितियों को ऋण प्रदान किया गया था. 5वीं पंचवर्षीय योजना (1974-1979) के अंत तक इस योजना में केवल 67,000 घरों का निर्माण किया जा सका. हाउस साइट्स-कम-कंस्ट्रक्शन असिस्टेंस स्कीम (HSCAS) नामक चौथी योजना में पेश की गई. एक और योजना 1974-75 से राज्य क्षेत्र में स्थानांतरित कर दी गई.

1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इंदिरा आवास योजना (IAY) के शुभारंभ के साथ, भारत में सार्वजनिक आवास कार्यक्रम को बढ़ावा मिला. IAY SC / ST और अल्पसंख्यक आबादी को लक्षित करने वाले एक ग्रामीण आवास कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया था. कार्यक्रम को धीरे-धीरे सभी गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) आबादी को कवर करने के लिए बढ़ाया गया था.

ग्रामीण और शहरी गरीबों की आवास की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के एक भाग के रूप में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना को किफायती आवास प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, केंद्र सरकार से. 2 ट्रिलियन (यूएस $ 28 बिलियन) की वित्तीय सहायता के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2022 तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय समूहों सहित शहरी गरीबों के लिए 2 करोड़ घर बनाने का प्रस्ताव है.

इस मिशन में चार भाग हैं. इन-सीटू स्लम पुनर्विकास निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ संसाधन के रूप में भूमि का उपयोग करना, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के माध्यम से किफायती आवास, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के साथ साझेदारी में किफायती आवास और लाभार्थी के नेतृत्व में गृह निर्माण / वृद्धि. इन घटकों के तहत, केंद्रीय सहायता 1 लाख से 2.30 लाख तक होगी.

प्रधानमंत्री आवास योजना की विशेषताएं यह हैं कि सरकार 6.5 प्रतिशत की ब्याज सहायता से (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए), MIG-I के लिए 4% और MIG-II के लिए 3% प्रदान करेगी. आवास ऋण का लाभ उठाया ऋण की शुरुआत से क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) के तहत 20 वर्षों की अवधि के लिए लाभार्थी.

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण एक ऐसी तकनीक के माध्यम से किया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल हो, जबकि पीएमएवाई के तहत किसी भी आवासीय योजना में भूतल का आवंटन, प्राथमिकता अलग-अलग विकलांग और वृद्ध व्यक्तियों को दी जाएगी.