सुंदरनगर के सबसे बड़े अस्पताल में डॉक्टरों की कमी

सुंदरनगर (मंडी). सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश में चार मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं. दूसरी तरफ जो अस्पताल है. वहां पर मरीज अपना इलाज करवाने में असमर्थ है क्योंकि अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं है. लोग डॉक्टरों के कमरो के बाहर इंतजार कर रहे हैं. वहां पर तो ताले लटके है.

ऐसा ही हाल सुंदरनगर के सबसे से बड़े नागरिक अस्पताल में डाक्टरों की कमी होने से स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं. प्रतिदिन 500 से 600 मरीजों की ओपीडी वाले नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में मरीजो को बीमारी के साथ-साथ परेशानी भी झेल रहें हैं.

सिविल अस्पताल सुंदरनगर में 13 डॉक्टरों के पद मंजूर है, लेकिन मौजूदा समय में विभिन्न समय पर डयूटी करने वाले सिर्फ आठ ही डॉक्टर तैनात हैं. तीन डाक्टरों के पद खाली है जिनमें महिला रोग विशेषज्ञ,सर्जन के साथ बेहोशी के डॉक्टर का भी पद खाली है. अस्पताल में गायनी वार्ड में महिलाओं की भारी संख्या रहती थी, ऐसे में यहां पर पहले 2 स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहते थे.

लेकिन, पिछले कुछ महीनों से यहां पर कोई भी स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, जिस कारण रोजाना महिलाएं यहां वहां इलाज के लिए भटकने को मजबूर है. आलम यह है कि स्थानीय और दूर-दराज से आने वाली गर्भवती महिलाओं को इस अस्पताल में उपचार नहीं मिलने के कारण जोनल अस्पताल मंडी रेफर किया जा रहा है. जहां पर पहले से ही हर रोज एक हजार से अधिक ओपीडी हो रही है. महिलाओं को दो या तीन-तीन दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है.

सिविल अस्पताल सुंदरनगर में इलाज करवाने आई चांबी निवासी जसमती कश्यप बताया कि वह पिछले 2-3 हफ्तों से लगातार अपना इलाज करवाने अस्पताल आ रहीं हैं. यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण उन्हें हर बार खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जोनल हास्पिटल मंडी में पहले ही गायनी ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें होने के कारण चैक करवाने के लिए 3-4 दिन लग रहे है.

डैहर के रवि व उसकी गर्भवती पत्नी ममता ने कहा कि वह अपनी पत्नी को चेकअप के लिए 4-5 बार सुंदरनगर अस्पताल लेकर आए. उन्हें भी गायनी वार्ड में उपस्थित स्टाफ ने मंडी रेफर कर दिया गया है. उन्होंने बताया की पिछले लंबे समय से यहाँ पर डॉकटरो की समस्या है लेकिन इस तरफ प्रशासन और सरकार का कोई धयान नहीं है और मरीज़ो को लगातार समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर चमन ने कहा की सिविल अस्पताल सुंदरनगर में 13 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है. लेकिन, मौजूद समय में यहां सिर्फ 9 डॉक्टर है और 4 डॉक्टरों के पद खाली चल रहे है. उनका कहना है सुंदरनगर के साथ पूरे प्रदेश के अस्पतालो में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज परेशान है. इसके लिए हमारी सरकार और विभाग की अवगत करवाया गया है. वही जल्द यहां पर डॉक्टरो की कमी को पूरा किया जाएगा.

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी गुज्जर समुदाय के लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है. उधर जिला पुलिस आयुक्त ने कहा है कि पुलिस थाना ज्वाली के एसएचओ को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं कि आरोपित गुर्जरों के साथ सख्ती से कानूनी करवाई की जाए.