गाड़ी चलाने वाला युवक अब कंप्यूटर चलाकर कमा रहा पैसे

रायपुर. दंतेवाड़ा के बेरोजगार युवाओं का लाइवलीहुड में प्रशिक्षण सार्थक साबित हो रहा है. सबसे ज्यादा बदलाव उन युवाओं और उनके परिजनों के बीच देखा जा रहा है, जिसके परिवार की खराब माली हालत ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ने मजबूर किया हो या पढ़कर भी बेरोजगार बैठा हो. कुछ ऐसी ही कहानी गीदम के नया पारा निवासी अंकित गुप्ता की है.

जिसने अपने पिता को सहारा देने पढ़ाई छोड़कर वाहन चलाने का काम शुरू किया था. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ मिलते ही वह अब कंप्यूटर चलाकर पैसे कमा रहा है. दरअसल अंकित के पिता छेदीलाल गुप्ता ड्राइविंग का काम करते हैं. इस काम में बेहद कम रकम मिलती थी, जिससे परिवार का खर्च चलाना भी छेदीलाल के लिए इस महंगाई भरे दौर में बेहद मुश्किल हुआ करता था.

कुछ यही वजह रही कि अंकित ने 10वीं पढ़कर पढ़ाई छोड़ दी. पिता को मेहनत करता देख खुद भी साथ में हाथ बंटाना शुरू कर दिया. पिता की मदद के लिए पढ़ने की उम्र में वाहन चलाने लगा. लेकिन, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने अंकित की जिंदगी बदल दी. जैसे ही उसे जानकारी मिली कि 10वीं पास युवाओं के लिए निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण का मौका लाइवलीहुड कॉलेज में दिया जाता है, तो बिना देर किए फॉर्म भरा.

साल 2017 में तीन महीनें कॉलेज में विशेषज्ञों से टेली का प्रशिक्षण लिया. किस्मत इतनी अच्छी रही कि प्रशिक्षण लेते ही प्राइवेट कंपनी में जॉब लग गई. आज वह हर महीनें 6000 रुपए कमा रहा है. पहली तनख्वाह मिलते ही अंकित ने मोबाईल खरीदकर पिता को उपहार के तौर पर दिया तो पिता के खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा. अंकित बताता है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने मेरी तकदीर ही बदल दी है. अब मैं अपने पिता का सहारा बना हूं, परिवार की मदद अच्छे तरीके से कर सकता हूं.