आखिर बीएसएल की खूनी नहर और कितने लोगों की लेगी जान

आखिर बीएसएल की खुनी नहर और कितने लोगों की लेगी जान-Panchayat Times

सुंदरनगर (मंडी). हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की खुनी नहर के नाम से मशहूर बीएसएल नहर आखिर और कितने लोगों की जान लेगी यह एक बड़ा सवाल है. सुंदरनगर में मंगलवार देर रात एनएच-21 पर नरेश चौक के पास एक जीप और तेल से भरे टेंकर के गिरने के मामले ने बीबीएमबी प्रशासन और लोक निमार्ण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

पिछले काफी लंबे समय से बीबीएमबी प्रशासन की ओर से बीएसएल परियोजना के अंतर्गत बनी कई किलोमीटर लंबी नहर की मजबूत फैंसिंग का मामला ठंठे बस्ते में डाल कर रखा हुआ है. इस कारण आज दिन तक सैंकड़ो लोग और बेजुबान जानवर नहर में कमजोर फैंसिंग के कारण काल के ग्रास बन चुके हैं. हैरानी की बात यह है कि बीबीएमबी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद भी फैंसिग करवाने को लेकर अपनी कुंभकर्णी नींद से नहीं जाग रहा है. अगर समय रहते बीबीएमबी प्रशासन की ओर से बीएसएल परियोजना के अंतर्गत बनी नहर की मजबूत फैंसिंग करवाई गई होती तो इस हादसे में तीन लोगों के लापता होने की सूचना नहीं होती. वहीं पिछले महीनों से लोक निमार्ण विभाग सुंदरनगर से डडोर तक एनएच-21 के भाग पर पड़े हुए सैंकड़ो जानलेवा गड्डे कई दुर्घटनाओं का कारण बने हुए हैं.

बेशक सूबे के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोक निमार्ण विभाग के आला अधिकारियों को 10 दिनों में इन जानलेवा गड्डों को भरने के कड़े आदेश दिए गए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अपने गृह जिला में इन गड्डों के कारण हुए इस दर्दनाक हादसे ने विभाग की पोल खोल कर रख दी है. अब देखना होगा की इस हादसे के बाद बीबीएमबी प्रसाशन क्या करता है या और किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा. हादसे के बाद स्थानीय लोगो में बीबीएमबी प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी रोष दिखा.

स्थानीय निवासी केशव नायक का कहना है कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की प्रबंधन समिति और मुख्य अभियंता लोगों की सुरक्षा के लिए बिलकुल भी चिंतित नहीं है. उनका कहना है की नहर के किनारे जो पैरपीट लगे है बो कई दशक पुराने है और ऐसी घटिया रेशो से बनाए गए है जिससे वाहन  क्या कोई पशु या जानवर भी सुरक्षित नहीं है. इस के लिए बीबीएमबी और केंद्र सरकार को धयान देगा होगा ताकि लोग सुरक्षित रह सके.

सामाजिक वसुधा संस्था के अध्यक्ष सूरज धीमान ने भी बीबीएमबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है उन्होंने बीबीएमबी चैयरमेन डीके शर्मा से मांग की है की जल्द नहर के किनारे फेंसिंग करवाई जाये ताकि इस तरह के और हादसे सामने न आए.

बीबीएमबी के चैयरमेन डीके शर्मा का कहना है कि नहर के किनारे कई जगह सुरक्षा दीवार लगाई गई है. अगर नहर के किनारे फैंसिंग की जाती है तो नहर की सुंदरता पूरी तरह से खत्म हो जाएगी लेकिन जहा पर भी कमी है वहा पर फैंसिंग की उचित व्यवस्था की जाएगी.