झारखंड की जनता ने कहा ”दिल जीत लिया 56 इंच ने”

झारखंड की जनता ने कहा ''दिल जीत लिया 56 इंच ने''-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद देशभर में जश्न का माहौल है. आम अवाम और हर खासो-आम इस फैसले को लेकर मोदी सरकार के कदम की सराहना करते नहीं थक रहे. इसी क्रम में बोकारोवासियों ने भी सरकार के इस कदम को देशहित में ऐतिहासिक बताया है. न केवल भाजपायी और भाजपा समर्थक, बल्कि कल तो कट्टर भाजपा-विरोधी थे, वे भी अब मोदी के मुरीद हो चुके हैं. सबने एक स्वर में सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.

एक खास बातचीत में कांग्रेसी पक्षधर रहे शिक्षाविद राजकृष्ण राज ने कहा कि सरकार का यह बेहतरीन कदम है.आज हरेक भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है. कभी पूरी नहीं होने वाली मुराद एक पल में ही पूरी हुई.अब उनका अगला वोट मोदी को फिक्स हो गया.  पुराने कांग्रेसी मंतोष पाठक ने इसे सार्थक एवं देशहित में लिया गया फैसला करार दिया है.

अभियंता सह साहित्यविद अभिनव शंकर ने कहा कि एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू इस बदलाव का ये है कि अब तक भारतीय संसद के बनाये कानूनों को जम्मू-कश्मीर में लागू करवाने के लिए वहां की विधानसभा की मंज़ूरी चाहिए होती थी; जबकि अब 370 के हटने और केंद्र-शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के विधानसभा कि ओर से  बनाए गए कानूनों को राज्य में अंतिम तौर पर लागू होने के लिए भारत की संसद की मंजूरी लेनी पड़ेगी.

स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संयोजक सचिन्द्र कुमार बरियार ने कहा कि 370 हटाने और जम्मू कश्मीर राज्य का पुनर्गठन का प्रस्ताव ऐतिहासिक है. जम्मू कश्मीर में क्षेत्रीय भेदभाव भ्रष्टाचार और आतंकवाद की जड़ 370 रही. दोनों प्रस्ताव के पास होने पर तीनों समस्याओं का समाधान हमेशा-हमेशा के लिए होगा. सरदार पटेल भी इस धारा के विरुद्ध थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की यह सच्ची श्रद्धांजलि है। इस स्वर्णिम निर्णय का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का अभिनंदन. युवा समाजसेवी सह व्यवसायी संजय शर्मा ने कहा कि भारत के सिर के ताज को संभालना तो कोई मोदीजी से सीखे. महिला साहित्यकार उषा झा ने कहा – रोम-रोम से देशहित, जनहित में मंगलकामना से परिपूर्ण इस साहसिक, ऐतिहासिक फैसले का दिल से स्वागत है.