गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखेगी हिमाचल की झांकी

गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखेगी हिमाचल की झांकी

नई दिल्ली. 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस बार इंडिया गेट के राजपथ पर होनेवाले परेड में झांकियों का अलग अंदाज देखने को मिलेगा लेकिन इस बार देवभूमि हिमाचल की झांकी नहीं दिखेगी. हिमाचल से झांकी के लिए भेजे गए मॉडल को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने रद्द कर दिया है. हिमाचल प्रदेश भाषा संस्कृति विभाग के निदेशक के.के. शर्मा ने बताया कि हिमाचल की ओर से गांधी जी की शिमला यात्रा को लेकर मॉडल भेजा था, लेकिन चयन नहीं हो पाया है.

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को देखते हुए केन्द्र सरकार ने इस साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर निकलने वाली झांकी में सभी राज्यों से महात्मा गांधी की थीम पर झांकी की डिजाइन तैयार करने को कहा था. जिसके बाद हिमाचल प्रदेश की तरफ से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर मॉडल तैयार किया गया था. इस मॉडल को एचपीयू दृश्य कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हिम चटर्जी ने तैयार किया था. लेकिन अंतिम राउंड में हिमाचल का चयन नहीं हुआ.

हिमाचल प्रदेश की तरफ से जो झांकी का मॉडल भेजा गया था उसमें सबसे आगे महात्मा गांधी रिक्शे में बैठे हुए हाथ जोड़कर दिखाए गए था. इसके साथ ही झांकी में समरहिल का अमृतकौर का मैनोर विला दिखाया गया था, जहां पर शिमला आने पर महात्मा गांधी अधिकतर ठहरते थे और यहीं रुककर उन ऐतहासिक फैसलों पर मंथन हुआ करता थे.

राजपथ पर दिखा था हिमाचल प्रदेश का (की-गोंपा)

पिछले साल 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ की परेड में विभिन्न प्रदेशों की झाकियों के साथ हिमाचल प्रदेश की झांकी भी देखने को मिली थी. हिमाचल प्रदेश की झांकी में प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में स्थित ‘की’ बौद्ध विहार (की-गोंपा) को मॉडल बनाकर दिखाया गया था. इसके पहले 3 साल के लंबे अंतराल के बाद 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस परेड में हिमाचल की भी झांकी नजर आई थी. उस झांकी में चंबा रुमाल का मॉडल तैयार किया गया था.

इस झांकी में एक सुंदर महिला को चंबा रुमाल पर कसीदाकारी करते हुए दिखाया गया था. झांकी के मध्य में राधा कृष्ण गोपियों के साथ रासलीला करते हुए नजर आएं थे. झांकी के पृष्ठभाग में चंबा शहर के सहस्राब्दी समारोह के दौरान निर्मित चंबा द्वार को भी दर्शाया गया था. इसके पहले वर्ष 2013 में किन्नौर की पारंपरिक संस्कृति को दर्शाने वाली झांकी दिखाई गई थी, इससे पहले 2007 में प्रदेश की झांकी गई थी.

17 बार परेड में शामिल हो चुकी हिमाचल की झांकी

गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल 26 जनवरी को नई दिल्ली के इंडिया गेट के राजपथ पर होने वाली परेड में अभी तक 17 बार हिमाचल की झांकी शामिल हो चुकी है. गण्तंत्र दिवस के 70 सालों के इतिहास में पहली बार 1987 के गणतंत्र दिवस समारोह की परेड में कालका और शिमला के बीच चलने वाली टॉय ट्रेन के मॉडल की झांकी को शामिल किया गया था.

हिमाचल की अब तक राजपथ पर दिखने वाली झांकियां
2018-की-गोंपा
2017- चंबा-रूमाल
2013- किन्नौर
2007- लाहुल स्पीति गोम्पा
2005- मिंजर मेला
2004- मसरूर टैंपल
2003- गददी
2001- ताबों गोम्पा
1999- कुल्लू दशहरा
1996- सेब बगीचें
1995- साहसिक खेल
1994- टी गार्डन
1993- बर्फ के पुतले
1990- शिमला कांफ्रेंस
1989- स्वास्थ्य के लिए फल
1988- जंगल में मंगल
1987- टॉय ट्रेन