‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का फॉर्म भरकर भेजो, दो लाख पाओ : जाली खबर

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर कैसे इस देश की भोली-भाली जनता को ठगा जा

नई दिल्ली. इसे जाली खबर की इंतेहा ही कहेंगे की भारत सरकार का नारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर कैसे इस देश की भोली-भाली जनता को ठगा जा रहा है. मोदी सरकार ने इस नारे के सहारे देश की बेटियों की स्थिति को बेहतर करने की कोशिश की है. समाज में बेटियों को बोझ न समझा जाए इसको लेकर मुहिम चलाई गई. इसका कितना फायदा मिला ये तो शोध का विषय है लेकिन ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नाम पर कुछ ठगों के गिरोह ने लाखों लोगों को ठग लिया है. लोगों को बहला फुसला कर 100-200 रुपए में एक जाली फॉर्म पकड़ा दिया जाता है. और कहा जाता है कि इसे भरकर रजिस्ट्री करने पर उन्हें एक या दो लाख रुपये भारत सरकार देगी. ये स्कीम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत देश की सभी बेटियों के लिए है.

महिला और बाल विकास मंत्रालय के पास अब तक उस फंड से पैसे मिलने की उम्मीद में फॉर्म आ रहे हैं, जो फंड है ही नहीं. ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के तहत यूपी-उत्तराखंड से फॉर्म्स का आना अब भी जारी है. वैसे तो देश के कई राज्यों से इस तरह की नकली फॉर्म को भरा गया और भेजा भी गया. वहीं बिहार और यूपी का हाल सबसे ज्यादा खराब है. बिहार के नवादा में तो आलम ये है कि पोस्टल विभाग ने नोटिस बोर्ड में इस फेक न्यूज को डिस्पले भी किया है. साथ ही फॉर्म की रजिस्टरी करने से भी मना कर दिया है. बावजूद इसके लोग नहीं मान रहे हैं. वो फॉर्म भरकर उसपर डाक विभाग का टिकट लगाकर पोस्ट ऑफिस के बाहर लगे लेटर बॉक्स में डाल दे रहे हैं. नवादा में लोगों को इसके बारे में प्रशासन भी खबरदार कर रहे हैं, पुलिस भी मना कर रही है, साथ ही मीडिया भी इसके खिलाफ रिपोर्टिंग कर रही है लेकिन लोग अबतक इस फेक न्यूज के मायाजाल से बाहर नहीं आ पा रहे हैं.

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एक अधिकारी के मुताबिक, जिन राज्यों से इस तरह के फर्जी फॉर्म ज्यादा आ रहे हैं वहां पोस्ट ऑफिसों में ऐसे पोस्टर भी चिपकवाए गए हैं कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर कोई फंड नहीं है. पोस्ट ऑफिस के लोग फॉर्म भेजने वाले लोगों को पर्सनली भी बता रहे हैं. इसके बावजूद लोग फॉर्म भेज रहे हैं. कुछ लोग यह जवाब दे रहे हैं कि कुछ रुपयों की ही तो बात है, क्या पता फॉर्म भेजकर सच में फंड मिल जाए.

कुछ ऐसा है फॉर्म

जो फॉर्म भरकर आ रहे हैं, उनमें सबसे ऊपर लिखा है कि ये सभी बेटियों के लिए जरूरी है, 8 वर्ष से 32 वर्ष के लिए. इसमें बेटी का नाम, जन्मतिथि, पैरंट्स का नाम, एजुकेशन, घर का पता, ईमेल आईडी, आधार नंबर, बैक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, जाति, धर्म के कॉलम बने हैं, जिसे लोग भर रहे हैं. इसमें लिखा है कि इस योजना के तहत सभी बेटियों को 2 लाख रुपये मिलेंगे. मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक, 2 लाख रुपये की आस में लोग अपनी सारी पर्सनल डिटेल फर्जी फॉर्म में भरकर दे रहे हैं. जिसका मिसयूज होने का भी डर है.