पंचायतों में भ्रष्टाचार की होगी विजिलेंस जांच :सीएम

हिमाचल मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, तीन विधायक बने मंत्री-Panchayat Times
साभार जय राम ठाकुर फेसबुक

शिमला. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा है कि भ्रष्टाचार को लेकर पंचायतों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की सरकार विजिलेंस जांच करवाएगी. इस मामले में सरकार तीन महीने के भीतर एक्शन लेगी. उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि वह कार्रवाई होने पर किसी भी दोषी को बचाने की सिफारिश न करे. कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान के पंचायतों में सरकारी पैसे के दुरुपयोग से संबंधित सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान यह बात कही.

मुख्यमंत्री ने माना कि कई पंचायतों में कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों में भ्रष्टाचार को लेकर अंडर स्टेंडिंग बन गई है, जो सही नहीं है. उन्होंने माना कि पंचायतों में जितना पैसा आ रहा है, उससे हम पंचायतों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद पंचायतों को इतना पैसा मिल रहा है कि अब पंचायत प्रतिनिधि विधायक निधि से पैसा मांगने भी नहीं आते.

इससे पहले विधायक हर्षवर्धन चौहान ने सदन के ध्यान में लाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र शिलाई की कई पंचायतें आज भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी हैं. यहां पर बीडीओ एक वार्ड में दस से चौदह स्कीमों को मंजूर कर रहे हैं. चौहान ने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने शिलाई ब्लॉक को सबसे भ्रष्ट ब्लाॅक करार दिया और कहा कि यहां पर मनरेगा स्कीम में फर्जी हाजरियां लग रही हैं. बांदली पंचायत में पांच लाख स्कूलों पर खर्च कर दिए लेकिन काम कुछ भी नहीं हुए. बीते 15 सालों में शिलाई विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा के तहत लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि इनमें 300 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है.

माध्यमPT DESK
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