झज्जर में खुलेगा राज्य का तीसरा सैनिक स्कूल

झज्जर में खुलेगा राज्य का तीसरा सैनिक स्कूल-Panchyat Times
प्रतीक चित्र

चड़ीगढ़. केंद्र सरकार ने जिला झज्जर के गांव मातनहेल में हरियाणा के तीसरे सैनिक स्कूल की स्थापना को मंजूरी दी है, जिससे राज्यवासियों की चिरलंबित मांग पूरी हो गई है. इस स्कूल की स्थापना के लिए राज्य सरकार और रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के बीच जल्द ही एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.

रविवार को सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार मातनहेल की ग्राम पंचायत द्वारा प्रदान की गई 38 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी और डीड का डेढ़ करोड़ रुपए वार्षिक प्रदान करेगी.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को पत्र लिखकर गांव मातनहेल में एक सैनिक स्कूल स्थापित करवाने का अनुरोध किया था ताकि राज्य के युवाओं का रक्षा बलों में भर्ती होकर राष्ट्र की सेवा करने का सपना पूरा हो सकें. पत्र में कहा गया कि हरियाणा से बड़ी संख्या, लगभग 10 प्रतिशत युवा नियमित आधार पर सशस्त्र बलों में भर्ती होते हैं. तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस ने 7 सितंबर,2003 को स्कूल की आधारशिला रखी थी. हालांकि, वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के एक प्रयास के बावजूद यह परियोजना फलीभूत नहीं हुई.

झज्जर में खुलेगा राज्य का तीसरा सैनिक स्कूल-Panchyat Times
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प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार सैनिक स्कूल के लिए आवश्यक भूमि, भवन, फर्नीचर, परिवहन और शैक्षणिक उपकरणों पर होने वाले समस्त पूंजीगत खर्च के अलावा बाद के खर्चों का एक बड़ा हिस्सा वहन करेगी. उन्होंने बताया कि स्कूल के लिए उपलब्ध कराई गई मौजूदा भूमि को पट्टे पर सैनिक स्कूल सोसायटी को सौंपा जाएगा. रक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार समय-समय पर उसका नवीनीकरण किया जाएगा। राज्य सरकार समाज के आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के सभी लड़कों(केवल हरियाणा के छात्र) को गवर्नेंस बोर्ड द्वारा समय-समय पर तय दरों और आय स्लैब के आधार पर छात्रवृत्तियां भी प्रदान करेगी.

प्रवक्ता ने बताया कि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रिंसिपल, हेडमास्टर और रजिस्ट्रार के पदों के लिए सेवा अधिकारी उपलब्ध करवाए जाएंगे। मंत्रालय सभी सैनिक स्कूलों के लिए लागू मौजूदा मानदंडों के अनुसार राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) स्टाफ और सेना शारीरिक प्रशिक्षण कोर गैर-कमीशन अधिकारी भी उपलब्ध करवाएगा. उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय मौजूदा मानदंडों के अनुसार छात्रवृत्ति का केंद्र का हिस्सा भी प्रदान करेगा. इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय के तहत कार्य कर रही सैनिक स्कूल सोसाइटी के माध्यम से स्कूल का पर्यवेक्षण और नियंत्रण भी किया जाएगा.